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वकीलों ने सिमलचौड़ से तहसील तक निकाला जुलूस, प्रदर्शन

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कोटद्वार। अधिवक्ता सुशील कुमार रघुवंशी हत्याकांड को लेकर वकीलों का गुस्सा थमने को नहीं है। बृहस्पतिवार को कोटद्वार बार एसोसिएशन से जुड़े अधिवक्ताओं ने सिमलचौड़ से लेकर कोटद्वार तहसील तक जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। कहा कि आठ दिन बाद भी वकील के हत्यारे पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं। अधिवक्ताओं ने कहा कि यदि पुलिस इस मामले का खुलासा नहीं कर पा रही है तो यह मामला सीबीआई के सुपुर्द कर दिया जाना चाहिए। बार एसोसिएशन ने तहसील में धरना-प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर इस मामले में सीबीआई जांच की संस्तुति करने की मांग की है। अधिवक्ताओं ने लगातार चौथे दिन बृहस्पतिवार को भी कार्य बहिष्कार जारी रखा।
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कोटद्वार बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय पंत की अगुवाई में बृहस्पतिवार को सभी वकील सिमलचौड़ में एकत्रित हुए और जुलूस की शक्ल में झंडाचौक पहुंचे। झंडाचौक से जुलूस-प्रदर्शन करते हुए सभी वकील तहसील परिसर पहुंचे। वकीलों ने उपजिलाधिकारी राकेश तिवारी की गैरमौजूदगी में ज्ञापन उनके कार्यालय के बाहर लगे बोर्ड पर चस्पा कर दिया। मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में अध्यक्ष अजय पंत ने कहा कि गत 13 सितंबर को वकील सुशील कुमार रघुवंशी की घर के बाहर दिनदहाड़े बाइक सवार बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। हत्याकांड के आठ दिन बीत जाने के बाद भी इस मामले में पुलिस को कोई सुराग हाथ नहीं लगा है। पुलिस की लचर कार्यशैली के चलते अब तक मामले का खुलासा नहीं हो पा रहा है, जिसे देखते हुए वकीलों ने इस मामले में की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है। वकीलों ने कहा कि मामले की जांच सीबीआई को नहीं सौंपी गई तो बार एसोसिएशन उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर सीबीआई जांच की मांग करेगी।
जुलूस प्रदर्शन में अरविंद कुमार चौधरी, सचिव आशुतोष देवरानी, सहसचिव इंद्रेश भाटिया, कोषाध्यक्ष शोभा बहुगुणा भंडारी, अरूण भट्ट, धर्मदीप अग्रवाल, अरविंद वर्मा, किशन सिंह पंवार, योजना शर्मा, अनूप खंतवाल, अंकित अग्रवाल, प्रमोद राणा, प्रवेश रावत समेत कई अधिवक्ता मौजूद थे।
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तहसील में स्टांप वेंडर को झेलना पड़ा वकीलों का विरोध
कोटद्वार। वकील सुशील रघुवंशी हत्याकांड के विरोध में बार एसोसिएशन के बैनर तले अधिवक्ता चार दिन से न्यायिक कार्यों से विरत चल रहे हैं। बृहस्पतिवार को तहसील में काम कर रहे एक स्टांप विक्रेता को वकीलों का विरोध झेलना पड़ा। प्रदर्शन में उपस्थित महिला अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर में स्थित एक स्टांप वेंडर पर उनके साथ अपशब्दों का प्रयोग करने का आरोप लगाया है। इस मामले में उन्होंने पुलिस को भी तहरीर दी है। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय पंत ने बताया कि वकील प्रदर्शन के बाद तहसील परिसर में काम कर रहे एक स्टांप वेंडर के चैंबर में पहुंचे और उनसे धरना-प्रदर्शन में सहयोग करने की बात कही। आरोप है कि उक्त स्टांप वेंडर ने महिला अधिवक्ताओं के साथ अपशब्दों का प्रयोग किया। महिला अधिवक्ता जीनत, योजना शर्मा, सुनीता थापा, रश्मि कोठारी ने कोतवाली प्रभारी निरीक्षक यूएस जिमिवाल को दी तहरीर में बताया कि दोपहर में वह स्टांप वेंडर से सुशील हत्याकांड में वकीलों के आंदोलन को समर्थन देने की बात कर रहे थे, लेकिन स्टांप वेेंडर ने उनके साथ अपशब्दों का प्रयोग किया। कोतवाल यूएस जिमिवाल ने बताया कि महिला वकीलों की तहरीर पर मामले की जांच की जा रही है।
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