कोटद्वार। नगर निगम के पार्षदों ने निर्वाचित पार्षदों को 20 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन देने समेत पांच सूत्री मांगों के निराकरण की मांग उठाई। मांग के निराकरण के लिए नायब तहसीलदार के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा गया।
शुक्रवार को नगर निगम के पार्षद तहसील पहुंचे। उन्होंने उपजिलाधिकारी की गैर मौजूदगी में नायब तहसीलदार के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। कहा गया कि उत्तराखंड निकाय सभासद महासंघ की ओर से चलाए गए आंदोलन के फलस्वरूप तत्कालीन सीएम रमेश पोखरियाल निशंक ने मदन कौशिक की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया था। बाद में तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भी सभासद महासंघ की मांगों को जायज ठहराते हुए मांगों पर सैद्धांतिक सहमति जताई थी, इसके बाद भी अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। पार्षदों ने निर्वाचित पार्षदों को 20 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय देने, राजधानी देहरादून आने-जाने के लिए यात्रा भत्ता देने, पार्षदों को परिचय पत्र निर्गत करने, राजकीय और विभागीय अतिथि गृह में ठहरने के लिए आरक्षण की व्यवस्था करने, पार्षदों को सांसदों और विधायकों की भांति तीस लाख रुपये प्रति वर्ष पार्षद निधि देन की मांग की। ज्ञापन में निकाय सभासद महासंघ के पूर्व अध्यक्ष गुड्डू सिंह चौहान, विपिन डोबरियाल, सूरज प्रसाद कांति, गायत्री भट्ट, रितु चमोली, कविता मित्तल, मीनाक्षी कोटनाला, अंजुम सभा, पिंकी रावत, आशा चौहान, लीला कर्णवाल, सोनिया नेगी, कुलदीप कंबोज और सुखपाल शाह शामिल रहे।