कोटद्वार। राष्ट्रीय राजमार्ग पर गिर रही पहाड़ी के कारण बने खतरे के बाद अब मार्ग पर भूस्खलन और भूधंसाव का खतरा मंडरा रहा है। खतरे से अनजान लोग मार्ग पर वाहन दौड़ा रहे हैं। इससे बड़ा हादसा होने का खतरा बना हुआ है।
गत एक माह से क्षेत्र में हो रही भारी बारिश के चलते राष्ट्रीय राजमार्ग से लगी पहाड़ी टूटकर राष्ट्रीय मार्ग को अवरोध कर रही थी। बरसात बंद होने के बाद अब मार्ग पर भूधंसाव का खतरा बढ़ गया है। वर्तमान में कोटद्वार-दुगड्डा के बीच 15 किमी मार्ग पर दर्जनभर से अधिक स्थानों में सड़क और पुश्ते धंस चुके हैं। कई जगह आधी सड़क टूटकर नीचे बह रही सुखरो नदी में समा गई है। इसके कारण मार्ग पर चलने में खतरा पैदा हो गया है।
मार्ग पर रोजाना आवाजाही करने वाले राहगीर प्रदीप बडोला, जगमोहन सिंह, केेशव शर्मा, राजेंद्र नेगी ने राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग पर लोगों का जीवन खतरे में डालने का आरोप लगाया। कहा कि पिछले एक सप्ताह से मार्ग के कई पुश्ते गिरने के कगार पर हैं। इस पर भारी वाहन गुजर रहे हैं। कभी भी वाहनों के वजन से पुश्ते ढह कर बड़ी दुर्घटना का सबब बन सकता है। इसको लेकर राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारियों से वार्ता की गई, लेकिन वे राहगीरों की सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं हैं।
उधर, एनएच विभाग के एई रमेश असवाल ने बताया कि खतरनाक स्थानों पर ढहे पुश्तों की मरम्मत के लिए लेबर लगाई जा रही है। शेष पुश्तों और टूटी सड़क के निर्माण के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है।
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