कोटद्वार। सुखरौ और खोह नदियों में रिवर चैनलाइजेशन के नाम पर हो रहे अंधाधुंध खनन और ओवरलोड डंपरों के विरोध में ग्रामीणों ने सुखरौ नदी में जमकर हंगामा काटा। ग्रामीणों ने मौके पर एक ओवरलोड डंपर को रोका और उसमें मौजूद उपखनिज को तोलने की जिद पर अड़ गए। ग्रामीणों ने कहा कि ओवरलोड डंपरों ने जहां भाबर में सड़कें और पुलिया तोड़ दी हैं, वहीं चिलरखाल-लालढांग मार्ग को खस्ताहालत में पहुंचा दिया है।
शुक्रवार को खूनीबड़ के प्रधान वीरेंद्र रावत, निंबूचौड़ के विनोद रावत, कांग्रेस नेता कृष्णा बहुगुणा और यूकेडी के जिलाध्यक्ष जगदीपक रावत की अगुवाई में ग्रामीण सुखरौ नदी में कृषि उत्पादन मंडी के गेट पर पहुंचे। उन्होंने यहां से गुजर रहे खनन के एक ओवरलोड डंपर को रोक लिया और मानक के विपरीत पोकलैंड और जेसीबी से हो रहे खनन का विरोध प्रारंभ कर दिया। ग्रामीणों के हंगामे को देखते हुए कई खनन से भरे डंपर नदी में रुक गए। प्रदर्शनकारियों ने मालन के रवन्नों पर सुखरौ नदी में अवैध खनन करने और मानकों के विपरीत खनन का आरोप लगाया। कहा कि भाबर के ग्रामीण ओवरलोड डंपरों से परेशान हो हैं, लेकिन पुलिस प्रशासन ने चुप्पी साध रखी है। नदी को चैनलाइजेशन के नाम पर पूरी सुखरौ नदी 20 से 25 फीट तक खोद डाली गई है। मनमाने खनन से सुखरौ नदी पर दोनों मोटर पुलों को खतरा बना हुआ है। सूचना पर पहुंचे एसडीएम राकेश तिवारी और सीओ जोधराम जोशी ने प्रदर्शनकारियों को कार्रवाई का भरोसा दिलाया। इस मौके पर सुदर्शन भंडारी, हुकुम सिंह रावत, प्रमोद केष्टवाल, संजय गुसाईं, हरीश द्विवेदी, मोहित रावत, धीरज सिंह नेगी, संतोष जोशी व अरविंद नेगी आदि मौजूद रहे।
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