यमकेश्वर। ब्लॉक के राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में स्थायी शिक्षकों के न होने से विद्यालय में अध्ययनरत बच्चों की शिक्षण व्यवस्था वैकल्पिक शिक्षकों के भरोसे है।
हेमा देवी, कृष्णा देवी, राजेश्वरी देवी और सुनीता देवी ने बताया कि मई में पदोन्नति होने पर शिक्षक का तबादला हो गया। तब से यमकेश्वर विद्यालय में स्थायी रूप से शिक्षक की नियुक्ति नहीं हुई है। विद्यालय में चौपड़ा मल्ला, सुनारगांव और ठंठोली से 15 बच्चे पढ़ते हैं। विद्यालय में स्थायी रूप से शिक्षक की नियुक्ति करने के लिए खंड शिक्षा अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी और जिलाधिकारी पौड़ी को अवगत कराया गया, लेकिन अभी तक स्थायी शिक्षक की नियुक्ति नहीं हुई है। एसएमसी अध्यक्ष लक्ष्मी देवी ने बताया कि बार-बार खंड शिक्षा अधिकारी से वार्ता करने पर दूसरे विद्यालयों से एक-एक सप्ताह के लिए शिक्षकों की व्यवस्था की गई, लेकिन कई बार शिक्षकों के न आने से विद्यालय बंद रहता है।
राजकीय प्राथमिक विद्यालय कस्याली में भी 6 माह से स्थायी रूप से शिक्षकों के नहीं होने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इस विद्यालय में 24 बच्चे पढ़ते हैं। यहां भी प्रधानाध्यापक पद पर पदोन्नति होने पर शिक्षक का तबादला हो गया। तब से विद्यालय में स्थायी शिक्षक नहीं है। यहां भी वैकल्पिक व्यवस्था पर अध्यापन का काम चल रहा है। इस संबंध में ग्राम प्रधान अनिल नेगी ने बीडीसी की बैठक में खंड शिक्षा अधिकारी के समक्ष विद्यालय में जल्द स्थायी शिक्षकों को नियुक्त करने की मांग की थी, लेकिन सिर्फ आश्वासन ही मिला।
खंड शिक्षा अधिकारी यमकेश्वर अमित कोटियाल कहते हैं कि फिलहाल ट्रांसफर बंद हैं। शिक्षकों के समायोजन के लिए विभाग को प्रस्ताव भेजा गया है। विभाग के अनुमोदन मिलने के बाद ही इन विद्यालयों में शिक्षकों की स्थायी रूप से नियुक्ति हो सकेगी।