कोटद्वार। उपजिलाधिकारी मनीष कुमार सिंह के नेतृत्व में नगर निगम ने विभिन्न संगठनों के सहयोग से शहर में सफाई अभियान चलाकर लोगों को अपने आस-पास सफाई रखने का संदेश दिया।
गढ़वाल मंडलायुक्त ने चारधाम यात्रा की तैयारियों को लेकर नगर निगम प्रशासन को शहर में सफाई व्यवस्था दुरुस्त रखने व मार्ग पर पॉलीथिन के इस्तेमाल पर रोक लगाने के निर्देश दिए थे। इसके तहत रविवार को उपजिलाधिकारी मनीष कुमार सिंह के नेतृत्व में तहसील कर्मियों, नगर निगम कर्मियों, विभिन्न सामाजिक संगठनों ने नगर में सफाई अभियान चलाया। अभियान के तहत गिंवाई स्रोत स्थित पीडब्ल्यूडी कालोनी, राष्ट्रीय राजमार्ग, काशीरामपुर तल्ला, गोखले मार्ग, गोविंदनगर, बस अड्डा, रेलवे स्टेशन में नालियों की सफाई की गई। साथ ही कूड़ा और पॉलीथिन को एकत्रित कर उसका निस्तारण किया गया।
इस मौके पर सहायक नगर आयुक्त राजेश नैथानी, सफाई निरीक्षक सुनील कुमार, प्रभारी तहसीलदार डबल सिंह रावत, नायब तहसीलदार कुलदीप सिंह रावत, सीएओ आनंद रतूड़ी, पेशकार गणेश ममगाईं, नाजिर इंदर सिंह, आके प्रदीप डोभाल, कानूनगो चित्र सिंह रावत, एचडीएफसी बैंक के शाखा प्रबंधक मो. मिराज, मुजीब नैथानी, राजीव, नरेश रावत, मनोज नेगी, मिलिन रावत, अलका बिष्ट, रितुजा, स्वयंसेवी छात्राएं आदि मौजूद रहे।
जब एसडीएम से ही हाथापाई पर उतरे व्यापारी
कोटद्वार। सफाई अभियान चलाते समय एसडीएम मनीष कुमार सिंह अतिक्रमण का भी जायजा ले रहे थे। इस दौरान वे गोखले मार्ग पहुंचे। गोखले मार्ग पर एक व्यापारी ने सड़क पर अतिक्रमण कर रखा था। दस पर एसडीएम ने व्यापारी से अतिक्रमण हटाने को कहा, तो व्यापारी एसडीएम पर भड़क गया। व्यापारी को देखकर आस-पास के अन्य व्यापारी भी एसडीएम से हाथापाई पर उतारू हो गए। दरअसल सफाई अभियान के दौरान एसडीएम स्वयं भी फावड़ा लेकर नालियों की सफाई में लगे थे और इसी के चलते व्यापारी एसडीएम को पहचान नहीं पाए और सफाई कर्मी समझकर उनसे उलझ गए। बाद में व्यापारियों ने एसडीएम से माफी मांगी और सड़क पर अतिक्रमण न करने का भरोसा दिया। एसडीएम ने व्यापारियों को अपने व्यवहार में सुधार करने और अतिक्रमण करने पर कठोर कार्रवाई करने की चेतावनी देकर छोड़ दिया गया।