कोटद्वार। धाद ताड़केश्वर संस्था की बैठक में लोकभाषा गढ़वाली एंव संस्कृति के संरक्षण के लिए सभी से एकजुट होकर आगे आने का आह्वान किया गया। इस मौके पर छात्र-छात्राओं ने गढ़वाली संस्कृति की छटा बिखेरी। कार्यक्रम में गढ़वाली भाषा व संस्कृति पर आधारित प्रतियोगिता में अव्वल रहे छात्रों को पुरस्कृत भी किया गया।
राजकीय इंटर कॉलेज बुंगलगढ़ी में आयोजित बैठक का शुुभारंभ मुख्य अतिथि जिला पंचायत सदस्य रमेश रावत, पूर्व प्रमुख सुरेंद्र सिंह नेगी, दुग्ध सहकारी संघ के अध्यक्ष हरेंद्रपाल नेगी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस मौके पर बच्चों ने गढ़वाली गीतों के साथ ही थड़िया, चौंफुला, झुमैलो, सराऊं आदि नृत्यों की प्रस्तुतियां दी।
अअजीम प्रेम जी फाउंडेशन के समन्वयक डा. संजय नौटियाल ने शिक्षा की महत्ता व प्रशिक्षण पर बच्चों की रोचकता को बढ़ावा देने पर जोर दिया। साहित्यकार जगमोहन बिष्ट ने गढ़वाली शब्दों की व्याख्या और पुराने विलुप्त होने वाले शब्दों को उकेरा। डा. जगदंबा प्रसाद कोटनाला ने गढ़वाली भाषा की विशेषता पर चर्चा की और गढ़वाली जागर सुनाया। हरीश ध्यानी ने चित्र, कविता पोस्टर, गढ़वाली साहित्य की प्रदर्शनी लगाई। महेंद्र जदली ने स्थानीय स्वरोजगार स्रोत और उपाय पर चर्चा की। कार्यक्रम में गढ़वाली भाषा व संस्कृति पर आधारित प्रतियोगिता में अव्वल रहे पांच छात्रों और विद्यालय स्तर पर बारह छात्रों को धाद प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
कार्यक्रम में विनोद नेगी, पिंकी देवरानी, किशोर, सूरज देवरानी, बलवंत नेगी, चंद्रपाल रावत, सुखदेव, संपूर्णानंद जदली, कंचन नेगी, प्रिया शर्मा, गणेश ध्यानी, हरीश भारद्वाज आदि मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन डा. अंबिका प्रसाद ध्यानी ने किया।