कोटद्वार। उत्तराखंड वन संसाधन प्रबंधन परियोजना (जायका) द्वारा वित्तपोषित करीब 25 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले अंतरराष्ट्रीय स्तर के ईको टूरिज्म डेस्टिनेशन रिजॉर्ट और सनेह- दुगड्डा-सेंधीखाल मार्ग पर जिम कार्बेट नेशनल पार्क के दो प्रवेश द्वारों का वन मंत्री डा. हरक सिंह रावत ने शनिवार को समारोह पूर्वक शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि कोटद्वार को पूरे विश्व में नई पहचान दिलाई जाएगी। इस मौके पर छात्र-छात्राओं ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए ।
लैंसडौन वन प्रभाग के कोटड़ी रेंज के अंतर्गत सनेह में आयोजित शिलान्यास कार्यक्रम में वन मंत्री डा. हरक सिंह रावत ने कहा कि जिम कार्बेट नेशनल पार्क का अधिकतर क्षेत्र कोटद्वार से सटा होने के बावजूद यह क्षेत्र गुमनामी का दंश झेल रहा है, लेकिन अब कोटद्वार के सनेह में करीब 25 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला अंतरराष्ट्रीय स्तर का ईको टूरिज्म डेस्टिनेशन रिजॉर्ट कोटद्वार को देश में ही नहीं पूरे विश्व में नई पहचान दिलाएगा। यह रिजॉर्ट अगले नौ महीने में बनकर तैयार हो जाएगा। जिससे करीब 10 हजार लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा। इसी प्रकार का रिजार्ट भाबर क्षेत्र के गूलरझाला में भी बनाया जाएगा।
वन मंत्री ने कहा कि करीब 50 लाख रुपये की लागत से सनेह और दुगड्डा-सेंधीखाल मार्ग पर रामनगर से भी भव्य जिम कार्बेट नेशनल पार्क के प्रवेश द्वार बनाए जाएंगे। इसके साथ ही 26 लाख रुपये की लागत से कार्बेट पार्क के स्वागत कक्ष का निर्माण कराया जाएगा। कहा कि कोटद्वार की जनता ने उनको विकास के लिए अपना आशीर्वाद दिया है। वह जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरेंगे। लालढांग-चिलरखाल मार्ग और कण्वाश्रम का नए सिरे से विकास कर कोटद्वार को विकास की बुलंदियों पर पहुंचाते हुए विश्व में पहचान दिलाने का कार्य किया जाएगा।
समारोह की अध्यक्षता जिला पंचायत अध्यक्ष दीप्ति रावत ने की। इस मौके पर जायका के निदेशक अनूप मलिक, कार्बेट पार्क के निदेशक राहुल, लैंसडौन के डीएफओ वैभव सिंह, सुमन कोटनाला, भुवनेश खर्कवाल, विश्वपाल जयंत, अरुण भट्ट, जीत सिंह पटवाल, उमेश त्रिपाठी, रश्मि राणा आदि मौजूूद थे। कार्यक्रम का संचालन राजगौरव नौटियाल ने किया।