कोटद्वार। गौरव सेनानी संगठन 17वीं गढ़वाल राइफल्स की कोटद्वार इकाई ने कारगिल युद्ध दिवस को शौर्य दिवस के रूप में मनाया। युद्ध में शहीद हुए वीर सैनिकों के लिए दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। कार्यक्रम में वीर सैनिकों की विधवाओं और उनके आश्रितों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया।
शनिवार को भाबर क्षेत्र के निंबूचौड़ स्थित मंगलम वेडिंग प्वाइंट में आयोजित समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि पूर्व ब्लाक प्रमुख गीता देवी और संगठन के अध्यक्ष कै. श्रीधर प्रसाद केष्टवाल ने किया। उन्होंने कहा कि अमर शहीदों का त्याग एवं बलिदान देश के लिए अमूल्य व अतुलनीय है। संगठन के अध्यक्ष कै. श्रीधर प्रसाद केष्टवाल ने 1999 के कारगिल युद्ध में 17वीं गढ़वाल राइफल्स की बहादुरी के बारे में बताया। उन्होंने युद्ध में शहीद हुए सैनिकों को नमन किया। उन्होंने कहा कि सात जुलाई को 17वीं गढ़वाल राइफल्स के गढ़वालियों ने कारगिल युद्ध के तहत बटालिक की पहाड़ी पर कब्जा किया था। इस युद्ध में शहीद हुए सैनिकों की याद में गौरव सेनानी संगठन की ओर से शौर्य दिवस का आयोजन किया गया। समारोह में 17वीं गढ़वाल राइफल्स के गौरव सेनानियों ने गढ़वाली सैनिक की स्मृति चिह्न पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। कारगिल युद्ध में घायल हुए जगदीश पोखरियाल और प्रेम सिंह को उनकी बहादुरी के लिए माल्यार्पण के साथ सम्मानित किया गया। समारोह में संगठन के उपाध्यक्ष कै. सतेंद्र सिंह नेगी, कोषाध्यक्ष सूबेदार भारत भूषण, संयोजक दयानंद भट्ट, रघुवीर सिंह, नरेंद्र सिंह, आलम सिंह, सुधीर खंतवाल आदि मौजूद रहे।