कोटद्वार। पहाड़ों से हो रहे पलायन के चलते ग्रामीणों की ओर से एक अनूठी पहल की गई है। इसके तहत तीन दिवसीय रिखणीखाल महोत्सव मनाया जा रहा है। इसकी तैयारियां जोरों से चल रही हैं। महोत्सव के सफल आयोजन के लिए स्थानीय और प्रवासी लोग शहर और गांव स्तर पर समितियां बनाकर लोगों को संगठित करने का प्रयास कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि रिखणीखाल क्षेत्र में विकास कार्य, आम जनमानस को न मिलने वाली सुविधाओं, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, बेेरोजगारी और सरकारी महकमों से उठते विश्वास ने ग्रामीणों को अपनी मातृभूमि से पलायन को मजबूर किया। महोत्सव का आयोजन कर क्षेत्रवासियों में आशा और विश्वास को वापस लौटाने के साथ ही गांवों की रौनक व चहल-पहल की वापसी करने की अनूठी पहल की जा रही है।
महोत्सव का उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों में होने वाली समस्याओं के प्रति सरकार और विभिन्न विभागों का ध्यान आकर्षित करना है ताकि पलायन को रोका जा सके और लुप्त होती परंपराओं व त्यौहार का संरक्षण व संवर्धन हो सके। महोत्सव के संयोजक देवेश ने बताया कि 15 मई से होने वाले तीन दिवसीय महोत्सव में विभिन्न विभागों से संबंधित स्टॉल लगेंगे तथा महिला पतंजलि योगपीठ हरिद्वार की ओर से नि:शुल्क योग शिविर का आयोजन भी किया जाएगा। इस अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री, काबीना मंत्री, विधायक, विभिन्न विभागों के अधिकारी भी प्रतिभाग करेंगे।