हरिद्वार की रजनी देवी ने दक्षिण कोरिया में चौथे एशियन इंडोर एंड मार्शल आर्ट्स गेम्स में कांस्य पदक जीतकर प्रदेश का नाम रोशन किया है।
खास बात यह है कि खो-खो खिलाड़ी रही टीएचडीसी कालोनी हरिद्वार निवासी रजनी ने सिर्फ तीन साल पहले शौकिया तौर पर मार्शल आर्ट्स की शुरुआत की थी।
वह इस प्रतियोगिता में पदक जीतने वाली प्रदेश की पहली खिलाड़ी हैं। बृहस्पतिवार को दून पहुंचने में रजनी ने अपने अनुभव साझा किए। दक्षिण कोरिया में 29 जून से 7 जुलाई तक हुई प्रतियोगिता में रजनी का सफर काफी संघर्षपूर्ण रहा।
क्वार्टर फाइनल में तुर्कमेनिस्तान की खिलाड़ी को 2-1 से पटखनी देने के बाद रजनी को सेमीफाइनल में तजाकिस्तान की खिलाड़ी से 3-0 से हार का सामना करना पड़ा। रजनी ने बताया कि विदेशी खिलाड़ियों का खेल उनकी अपेक्षा बहुत तेज है। उनके पास बेहतर उपकरण और प्रैक्टिस की तकनीक है।
खो-खो बहुत पसंद
रजनी ने बताया कि पहले उनको खो-खो बहुत पसंद था। कई राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी वे राज्य टीम की ओर से प्रतिभाग कर चुकी हैं। करीब 3 साल पहले उन्होंने शौकिया तौर पर मार्शल आर्ट की शुरुआत की। इसके बाद साल 2011 में उन्होंने खेल को गंभीरता से लेना शुरू किया।
कोच संजीव कुमार ने उन्हें खेल की बारीकियां सिखाईं। कोच संजीव कुमार ने बताया कि भारतीय टीम में 9 खिलाड़ियों का चयन किया गया था, जिनमें 6 लड़के और 3 लड़कियां थीं।
मगर रजनी के अलावा कोई भी पदक जीतने में सफल नहीं हो सका। रजनी की फिटनेस और स्टेमिना अन्य खिलाड़ियों से अच्छा है और मैच के दौरान भी वह आत्मविश्वास से भरी दिखी।