मेडिकल परीक्षण के दौरान लाइन में खड़े चमोली और उत्तरकाशी के युवा ।
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होटलों को छोड़कर राधाकृष्ण धाम में शरण लिए गढ़वाल के 40 युवाओं को स्वास्थ्य जांच के बाद प्रशासन ने बस से उनके घर भिजवाने की व्यवस्था कर दी है। शुक्रवार सुबह को इनको रवाना किया जाएगा। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के हस्तक्षेप के बाद ही प्रशासन सक्रिय हुआ और युवाओं के लिए बस की व्यवस्था की।
बुधवार को हरिद्वार और आसपास के होटलों में काम करने वाले कई युवा घर जाने की उम्मीद को लेकर भल्ला स्टेडियम पहुंचे थे। दिनभर कोई इंतजाम न होता देखकर यह लोग मायापुर पुलिस चौकी पहुंचे। बताया जाता है कि वहां से पुलिस ने भी इनको भगा दिया। आखिर में यह युवा भल्ला स्टेडियम से पैदल ही चमोली, उत्तरकाशी, टिहरी के लिए निकल पड़े। दूधाधारी चौक के पास नगरपालिका के पूर्व अध्यक्ष सतपाल ब्रह्मचारी ने उनको रोककर पूरी जानकारी ली। युवाओं ने उन्हें आपबीती बताई। सतपाल ब्रह्मचारी ने अपने राधाकृष्ण धाम के द्वार उनके लिए खोल आश्रय दिया और खाने पीने की भी व्यवस्था कराई।
बताया जाता है कि इसके बाद युवाओं की समस्याओें से केंद्रीय मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को अवगत कराया गया। दोनों लोगों ने जिलाधिकारी सी रविशंकर से युवाओं को भेजने की व्यवस्था करने को कहा। जिलाधिकारी ने सिटी मजिस्ट्रेट को व्यवस्था करने को कहा।
डीएम के निर्देश पर सिटी मजिस्ट्रेट जगदीश लाल ने मेडिकल टीम के साथ राधा कृष्ण धाम भूपतवाला पहुंच कर युवाओं जांच कराकर बस की व्यवस्था कराई। बृहस्पतिवार को देर होने पर तय किया गया कि शुक्रवार सुबह इनको रवाना किया जाएगा।
दो महीने से नहीं मिला था वेतन
मन्नू सती, मुकेश फर्स्वाण, विपिन पंत, हिमांशु नेगी, वीरेंद्र और हरीश ने बताया कि उनमें कई लोग ऐसे हैं जिन्हें दो महीने का वेतन भी होटल मालिकों ने नहीं दिया है। इसके बावजूद वह एक दूसरे की मदद करके अपना किराया देकर जाने को तैयार थे।