सीएमओ कार्यालय पर धरना देती महिला स्वास्थ्य कर्मी।
- फोटो : HARIDWAR
दो महीने से वेतन न मिलने से नाराज महिला स्वास्थ्य कर्मचारियों ने मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय का घेराव कर धरना दिया। स्वास्थ्य महानिदेशक के तीन दिन के अंदर वेतन जारी करने के आश्वासन पर धरना स्थगित कर दिया गया। तीन दिन में वेतन न मिलने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई है।
सोमवार को उत्तराखंड मातृ-शिशु एवं परिवार कल्याण महिला कर्मचारी एसोसिएशन के बैनर तले महिला स्वास्थ्यकर्मियों ने रोशनाबाद स्थित सीएमओ कार्यालय का घेराव करने के बाद धरना देकर रोष जताया। जिलाध्यक्ष पुष्पा सैनी और जिला मंत्री निमिषा शर्मा ने कहा कि महिला स्वास्थ्य कर्मचारियों को जून और जुलाई का वेतन नहीं मिल पाया है। इससे कर्मचारियों के सामने परेशानी खड़ी हो रही है जबकि महिला स्वास्थ्यकर्मी अपनी ड्यूटी को बखूबी अंजाम दे रही हैं। कोविड वैक्सीनेशन का पूरा कार्य महिला स्वास्थ्यकर्मियों ने ही किया। बावजूद इसके उन्हें वेतन से वंचित रखा जा रहा है।
निमिषा शर्मा ने बताया कि स्वास्थ्य महानिदेशक से प्रांतीय अध्यक्ष गुड्डी की वार्ता हुई है। उन्होंने तीन दिन के अंदर वेतन जारी कराने का भरोसा दिलाया है। कोषाध्यक्ष रेणु कर्णवाल ने कहा कि अगर तीन दिन के अंदर वेतन जारी नहीं हुआ तो आगे की रणनीति तय कर उग्र आंदोलन को बाध्य होना पड़ेगा। धरना देने वालों में पूनम गुप्ता, बबीता, रेखा भारती, साधना कुकरेती, रजनी बिष्ट, नीलम सैनी, अंजली सैनी, उमा त्यागी आदि शामिल रहीं।