शहर के चौराहों पर ट्रैफिक बूथ नहीं हैं। इससे पुलिस कर्मियों को धूप, जाड़े और बारिश में परेशानियों से दो चार होना पड़ता है। वाहनों के संचालन पर भी असर पड़ता है। धूप और बारिश से बचने के लिए पुलिस कर्मी चौराहा छोड़कर सड़क किनारे पेड़ों की छांव या दुकानों के आगे निकले छज्जों के नीचे खड़े होना पड़ता है।
शहर में 30 से अधिक ट्रैफिक पोस्ट पर ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की तैनाती होती है। कई स्थानों पर पुलिसकर्मियों के आराम करने के लिए ट्रैफिक बूथ तो बने हैं, लेकिन अधिकतर जगहों पर तपती गरमी और मूसलाधार बारिश में छाता और रेनकोट के सहारे ड्यूटी करते हैं। शहर के ऋषिकुल तिराहा, देवपुरा चौक, शंकर आश्रम तिराहा, भगत सिंह चौक, प्रेमनगर आश्रम चौक, सिंहद्वार चौक, देशरक्षक तिराहा समेत कई जगहों पर तैनात होने वाले पुलिसकर्मी पेड़ या छज्जों खड़े होकर बारिश या धूप से बचते हैं। एसपी ट्रैफिक प्रदीप कुमार राय का कहना है कि ट्रैफिक बूथ को लेकर विचार किया जा रहा है। जल्द ही इसकी कार्य योजना तैयार की जाएगी।
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चौराहों पर नहीं जगह
ट्रैफिक नियंत्रित करने के लिए यातायात कर्मियों को सड़क के चारों तरफ खड़ा होना पड़ता है। अधिकतर चौराहों पर पक्के निर्माण हुए हैं। जिसके चलते यहां पर ट्रैफिक बूथ नहीं बन सकते हैं।