खड़खड़ी श्मशान घाट ऑनलाइन हो गया है। यह प्रदेश का पहला श्मशान घाट है जो ऑनलाइन है। अब देश-विदेश में कहीं से भी लोग गंगातट के इस श्मशानघाट की स्थिति, प्रतिदिन होने वाली अंत्येष्टियों को लेखाजोखा देख सकेंगे।
श्मशान घाट के व्यवस्थापक संस्था सेवा समिति के अध्यक्ष क्षेमानंद जोशी और श्मशाम घाट का जीर्णोद्धार कराने वाले हरिराम कुमार ने बताया कि घाट का कायाकल्प किया गया है। अब तक आठ कैमरे लगाए गए हैं। जबकि इतने ही और कैमरे लगेंगे। इन कैमरों में कैद फुटेज को 25 दिन तक देखा जा सकता है। उन्होंने बताया कि इसके अलावा यहां कई सुविधाएं बढ़ाई गई हैं। दूर-दराज से आने वाले लोग सूर्य अस्त के बाद पहुंचने से रात श्मशानघाट पर बीता कर सुबह सूर्योदय की प्रतीक्षा करते हैं।
उनकी परेशानी के मद्देनजर सेवा समिति ने शमशानघाट के अंदर रात में रुकने की व्यवस्था कर दी है। शव को सुरक्षित रखने के लिए तीन फ्रीजर और एक एसी रूम का निर्माण कराया गया है। श्मशानघाट के जीर्णोद्धार एवं आधुनिकीकरण पर सेवा समिति करीब दो करोड़ रुपये व्यय कर चुकी है। श्मशानघाट को पंतद्वीप मैदान से जोड़ने के लिए गंगा की अवरिल धारा पर एक पुल निर्माण के प्रस्ताव पर शासन से अनुमति लेने की प्रक्रिया चल रही है।