हरिद्वार पंचायत चुनाव में वोटिंग
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जहरीली शराब कांड के बाद शिवनगर ग्राम पंचायत क्षेत्र में छाए मातम के बीच ग्रामीण मतदाता लोकतंत्र के प्रहरी बन गए। 12 ग्रामीणों की मौत के बाद भी मतदाताओं ने अपने भविष्य के लिए पंचायत की सरकार बनाने में बखूबी अपनी जिम्मेदारी निभाई। इससे पंचायत में मतदान का प्रतिशत भी 80 फीसदी रहा।
पथरी क्षेत्र की ग्राम पंचायत शिवनगरी चार गांवों को मिलाकर बनाई गई है। हालांकि इसमें शिवनगर कोई जगह नहीं है। शिवगढ़ के नाम से जरूर एक गांव है। इसके अलावा फूलगढ़, दुर्गागढ़ और गोविंदगढ़ गांव पंचायत में शामिल किए गए हैं। ग्राम पंचायत में लगभग 3800 मतदाता हैं। पंचायत चुनाव को लेकर शिवनगर ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों में भी पहले से ही काफी उत्साह बना हुआ था लेकिन नौ सितंबर को पंचायत चुनाव के ग्रामीणों को रिछाने के लिए ही लाई गई जहरीली शराब ने ग्रामीणों को काल का ग्रास बनाना शुरू कर दिया था।
जहरीली शराब से लोगों की जीवन लीला समाप्त होने का सिलसिला लगातार कई दिन तक चलने से 12 ग्रामीणों की मौत हो गई। इसमें शिवगढ़ के चार, दुर्गागढ़ का एक, फूलगढ़ के सात लोगों की मौत हुई। इससे गमगीन माहौल में चुनाव प्रचार और मतदान हुआ लेकिन लोकतंत्र की सबसे प्रथम सीढ़ी कहे जाने वाली ग्रामीणों के अलावा मृतकों के परिजनों और उनकी विधवा पत्नियों ने भी पंचायत की सशक्त सरकार बनाने के लिए अपना फर्ज निभाया।
सोमवार को हुए मतदान में आरोपी की पत्नी समेत प्रधान पद के 10 प्रत्याशियों से लेकर ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत सदस्यों के उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला भी मतपेटियों में कैद हो गया। संवाद