हरिद्वार पंचायत चुनाव में वोटिंग
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त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में सोमवार को गांवों में जश्न का माहौल नजर आया। मतदान केंद्रों के बाहर प्रत्याशियों के बस्तों पर पूरे दिन मेला लगा रहा। बसपा-भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशियों के बस्तों पर सर्वाधिक भीड़ नजर आई। इससे जिला पंचायत की अधिकतर सीटों पर त्रिकोणीय मुकाबले के आसार बने हैं। ग्राम प्रधान के प्रत्याशियों ने भी बस्तों पर टेंट लगाकर ग्रामीणों की खूब आवभगत की।
ग्रामीणों के लिए त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव लोकतंत्र का सबसे बड़ा त्योहार है। गांवों में मतदान को लेकर बुजुर्ग और महिलाएं ही नहीं, बल्कि बच्चों में भी उत्साह देखा गया। बहादराबाद ब्लॉक में पोलिंग बूथों के बाहर प्रत्याशियों के बस्ते लगे थे। बसपा, भाजपा और कांग्रेस के जिला पंचायत सदस्यों के अलावा ग्राम प्रधान के उम्मीदवारों ने टेंट लगाए गए थे। टेंट में ग्रामीणों की बैठने के लिए कुर्सियां लगी थीं। टेंट के आसपास छोले-भटूरे, समोसे, चाट-पकौड़े के ठेले लगे थे।
टेंट में मतदाता स्लिप लेकर वोट डालकर आने के बाद चाय-पानी के साथ दावत उड़ाते नजर आए। ग्रामीणों की दावत का भुगतान प्रत्याशियों के नामित अभिकर्ताओं की ओर से किया गया। कई प्रत्याशियों का चुनाव चिन्ह आइसक्रीम था। परिजनों के साथ वोट डालने के लिए पोलिंग सेंटरों तक पहुंचने वाले बच्चों को प्रत्याशियों की ओर से फ्री में आइसक्रीम खिलाई गई। बस्तों पर उमड़ने वाली ग्रामीणों की भीड़ के अनुमान से राजनीतिक विशेषज्ञ बसपा-भाजपा और कांग्रेस के बीच रोचक मुकाबला मान रहे हैं। बसपा ने जिले में जिला पंचायत की सभी 44 सीटों, भाजपा ने 43 और कांग्रेस ने 35 सीटों पर प्रत्याशी उतारे हैं। बसपा सबसे आगे तो भाजपा के दूसरे नंबर पर रहने के कयास लगाए जा रहे हैं।
पंचायत चुनाव में शराब का सबसे अधिक बोलबाला रहता है। शिवगढ़ ग्राम पंचायत में जहरीली शराब कांड में 12 लोगों की मौत के बाद पुलिस और आबकारी विभाग की सख्ती के बाद शराब का वितरण पर्दे के पीछे से किया गया। वोटों के बदले में शराब की कई गांवों में पर्चियां बांटी गईं। गांवों में प्रत्याशियों के समर्थकों ने बाकायदा शराब बांटने और दुकानों की पर्चियों का पूरा हिसाब-किताब रखा है।