बसों की कमी से जूझ रहे प्रदेश को जेएनएनयूआरएम (जवाहर
लाल नेहरू राष्ट्रीय शहरी नवीकरण मिशन) फेज टू के तहत चार सौ बसें मिलेंगी।
केंद्र सरकार के शहरी विकास मंत्रालय ने इस बाबत उत्तराखंड परिवहन निगम के
अधिकारियों से डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) मांगी थी। निगम ने डीपीआर
तैयार कर मंत्रालय को भेज दी है। प्रक्रिया पूरी होने का बाद बसें प्रदेश
को मिल जाएंगी।
ट्रेफिक होगा सुगम
यातायात सुगम बनाने के उद्देश्य से जेएनएनयूआरएम फेज टू के तहत भारत के अलग-अलग शहरों में दस हजार बसें दिए जाने की योजना है। फेज टू में तीन पर्वतीय राज्यों हिमाचल, उत्तराखंड और जम्मू कश्मीर के लिए दो हजार बसें दी जानी हैं।
इसमें से उत्तराखंड को चार सौ बसे मिलनी हैं। जेएनएनयूआरएम फेज वन के तहत उत्तराखंड को 145 बसें मिली थी। इन बसों का संचालन हरिद्वार, देहरादून, नैनीताल व हल्द्वानी में हो रहा है।
फेज टू योजना में केंद्र सरकार के शहरी विकास मंत्रालय ने सभी राज्यों से वर्ष 2013 में पत्र भेजकर डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) जल्द से जल्द भेजने के लिए कहा था।
फेज टू योजना का बजट वित्तीय वर्ष 2013-14 में पहले से ही स्वीकृत हो गया। इसके तहत 45 करोड़ के बजट से दस हजार बसें खरीदी जानी हैं।
बसों की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाकर पिछले सप्ताह भेज दी गई है। बसें कब तक मिलेंगी यह कहना मुश्किल है।
- चंद्रशेखर भट्ट, एमडी, उत्तराखंड परिवहन निगम