हरिद्वार/बहादराबाद। बहादराबाद थाना क्षेत्र में एक किशोरी का अपहरण करने के बाद सामूहिक दुष्कर्म करने का मामला सामने आया है। दुष्कर्म की घटना के समय पीड़िता नाबालिग थी। पुलिस ने एक अधिवक्ता सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि धर्म परिवर्तन कराने का भी दबाव बनाया गया। किशोरी को नेपाल ले जाने की तैयारी थी। पुलिस ने दोनों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया है।
पुलिस के अनुसार, एक मई को बहादराबाद के एक क्षेत्र में रहने वाले व्यक्ति ने शिकायत दी थी कि उसकी पुत्री घर से स्कूल के लिए निकली थी। लेकिन, लौटकर नहीं आई। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर खोजबीन शुरू कर दी थी। सीसीटीवी कैमरे खंगालते हुए हरिद्वार बस स्टैंड से सकुशल ढूंढ लिया। अपहरण के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस की पूछताछ में पीड़िता ने बताया कि आरोपी से साल 2017 में उसकी दोस्ती हुई थी। इसके बाद दोनों मिलते रहते थे। जून 2017 में आरोपी ने उसके घर पर उससे शारीरिक संबंध बनाए थे। इसके बाद संबंध बनाता रहा।
पीड़िता ने पूछताछ में बताया कि एक दिन आरोपी उसे रोशनाबाद में अधिवक्ता के पास ले गया। जहां अधिवक्ता ने उस पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाते हुए कहा कि शादी होने के बाद वह दोनों को नेपाल भेज देगा। अधिवक्ता ने आरोपी और पीड़िता को सलेमपुर में कमरा दिलवाया। इसके बाद दो मई को अधिवक्ता और आरोपी ने उससे शारीरिक संबंध बनाए। थानाध्यक्ष नरेश राठौड़ ने बताया कि 2017 में घटना के समय पीड़िता नाबालिग थी और आरोपी पर डरा धमकाते हुए जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाए थे। पीड़िता के बयानों के आधार पर पोक्सो, सामूहिक दुष्कर्म सहित प्रभावी धाराओं की वृद्धि की गई है। शनिवार को आरोपी को भी उसके घर से गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है।