स्वामी विवेकानंद का जीवन दर्शन एवं युवा भारत विषय पर आयोजित की गई संगोष्ठी
धनौरी। हरिओम सरस्वती पीजी कॉलेज धनौरी में बुधवार को शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार के अधीन भारतीय दार्शनिक अनुसंधान परिषद नई दिल्ली की ओर से संगोष्ठी आयोजित की गई। स्वामी विवेकानंद का जीवन दर्शन एवं युवा भारत विषय पर आयोजित संगोष्ठी में वक्ताओं ने कहा कि जीवन का असली आनंद आत्मिक शांति में है, भौतिक सुखों में नहीं।
बतौर रिसोर्स पर्सन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के याेग विज्ञान विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ.अंकित सैनी ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने देश ही नहीं बल्कि दुनिया में भारतीय संस्कृति का परचम लहराया है। स्वामी विवेकानंद देश के युवाओं के प्रेरणा स्रोत हैं। गुलाब सिंह राजकीय महाविद्यालय चकराता देहरादून के अंग्रेजी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ मुकेश गुप्ता ने कहा कि अगर जीवन उद्देश्य पूर्ण हो तो कम वर्षों में ही बड़ा नाम किया जा सकता है। स्वामी विवेकानंद का जीवन इसका उदाहरण है।
गुरुकुल कांगड़ी विवि के दर्शन विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. बबलू वेदालंकार ने कहा कि पाश्चात्य संस्कृति से प्रभावित आज का युवा नशे जैसी बुराइयों की ओर जा रहा है। महापुरुषों के जीवन दर्शन से उन्हें जीवन के असली लक्ष्य के बारे में जानकारी प्राप्त करनी चाहिए। बाल कल्याण समिति हरिद्वार की पूर्व अध्यक्ष अंजना सैनी ने प्रतिभागियों के समक्ष स्वामी विवेकानंद के जीवन दर्शन की व्याख्या की। वक्ताओं ने प्राध्यापकों और छात्र-छात्राओं से प्रश्न पूछे। सही जवाब देने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में संयोजक डॉ. योगेश कुमार, प्राचार्य प्रो.मुनेंद्र सिंह, डॉ. अंजू शर्मा, डॉ अंजु अष्टवाल मौजूद रहे।