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जब तक कोरोना नहीं होगा खत्म, तब तक टीके लगवाएंगे हम

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कोरोना संक्रमण अब भी खत्म नहीं हुआ है। यही नहीं देश के कुछ हिस्सों में कोरोना संक्रमण फिर से डराने भी लगा है, पर जिले में कल के भविष्य कहे जाने बच्चों का टीकाकरण का आंकड़ा सबसे कम है, जो सभी के लिए चिंताजनक है। इसलिए विशेषज्ञों और शिक्षाविदों ने बच्चों के टीकाकरण कराने पर जोर दिया है।
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दो साल पहले शुरू फैले कोरोना संक्रमण खत्म करने के लिए टीकाकरण अभियान चल रहा है। जिसमें 12 से ऊपर के किशोरों से लेकर युवाओं, बुजुर्गों का टीकाकरण किया जा रहा है। इसमें सबसे 18 साल से ऊपर के लोगों का आंकड़ा काफी अच्छा है। स्वास्थ्य विभाग से मिले आंकड़े के अनुसार इस वर्ग में 95 फीसदी पहली और 91 फीसदी लोगों को दूसरी डोज लग चुकी है।
किशोरों का टीकाकरण चिंताजनक
आंकड़ों पर नजर डालें तो 15 से 17 साल वाले किशोरों को प्रथम डोज 66 और दूसरी डोज 59 प्रतिशत लगी है। जबकि 12 से 14 साल के किशोरों को प्रथम डोज तो 90 प्रतिशत लग चुकी है। मगर दूसरी डोज 40 फीसदी ही लगी है। किशोरों के टीकाकरण का आंकड़ा बढ़ाने के लिए विशेषज्ञों व शिक्षकों ने अभिभावकों और स्कूलों से बच्चों को टीकाकरण कराने की अपील की है।
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स्कूल में अलग-अलग स्लॉट बनाकर बच्चों को टीकाकरण किया गया। साथ ही बच्चों के टीकाकरण का पूरा विवरण भी स्कूल में सुरक्षित रखा गया है। जिससे शत प्रशित पहली डोज लग चुकी है। अभिभावकों की बैठक में उन सभी बच्चों को दूसरी डोज लगवाई जाएगी। जिनको नहीं लगी है। कोरोना को हराने के लिए टीका सबसे कारगर हथियार है।
- मनोज कपिल, प्रधानाचार्य, डीएवी पब्लिक स्कूल
शिक्षा विभाग की मदद से बच्चों का टीकाकरण का आंकड़ा बढ़ाने में काफी मदद मिली है। अब स्कूल खुल गए हैं। ऐसे में शिक्षा विभाग अब यदि फिर से सहयोग करेगा तो टीकाकरण का लक्ष्य पूरा किया जा सकेगा। इसलिए वह सभी स्कूल संचालकों से अपील करती हैं कि टीकाकरण के लिए शिविर लगाकर कोरोना को मात देने में सहयोग करें।
- डॉ. कोमल, नोडल अधिकारी, टीकाकरण
कोरोना अभी नहीं गया है। वह कभी भी आ सकता है। इसलिए यदि कोरोना संक्रमण से हर समय जीतना है तो सभी को कोविड का टीका लगाना होगा। इसलिए वह शहर के जिन लोगों ने अब तक पहली और दूसरी डोज नहीं लगवाई है, वह नजदीकी केंद्रों पर जाकर टीका लगवाएं। उनकी संस्था प्रत्येक व्यक्ति को टीका लगवाने के लिए अभियान चलाएगी।
- धर्मेंद्र विश्नोई, विश्नोई सेवा संस्थान
अब तक आई कोरोना संक्रमण की लहर से टीकाकरण से ही राष्ट्र को बचाया जा सका है। लेकिन अब भी कुछ लोग टीकाकरण कराने में लापरवाह बने हुए हैं। वह ऐसे लोगों से अपील करते हैं कि वह भी प्रथम और दूसरी डोज लगवाकर कोरोना से लड़ी जा रही जंग में अपनी आहुति दें।
- पंकज शर्मा, समाज सेवी
स्कूल खुलते ही शुरू हुआ टीकाकरण
ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद छह जुलाई से खुले स्कूलों में फिर से टीकाकरण के लिए शिविर लगाने शुरू कर दिए गए हैं। रोजाना सौ से 110 शिविर लगाकर लगभग पांच हजार किशोरों को टीक लगाए जा रहे हैं। जिससे बच्चों के टीकाकरण के लक्ष्य को भी शीघ्र पूरा कर लिया जाएगा।
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डॉ. कुमार खगेंद्र सिंह, सीएमओ, हरिद्वार
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