हरिद्वार। सवर्ण समाज के लोगों ने परशुराम घाट पर शंख और घंटे बजाकर यूजीसी बिल का विरोध किया। कहा कि सरकार ने सवर्ण समाज के बच्चों पर काला कानून थोपा है। साथ ही बैठक कर यूजीसी के विरोध में आंदोलन की रूपरेखा तैयार की।
बैठक में यूजीसी कानून को वापस लेने की मांग को लेकर मशाल जुलूस निकालने और जनप्रतिनिधियों के घेराव का निर्णय लिया गया। इस दौरान श्री अखंड परशुराम अखाड़े के अध्यक्ष पं. अधीर कौशिक ने कहा कि सरकार यूजीसी बिल सवर्ण समाज के बच्चों पर थोप रही है। इससे सवर्ण समाज के बच्चों का भविष्य अंधकार में पड़ जाएगा।
18 फरवरी की शाम को मशाल जुलूस निकाला जाएगा। 22 फरवरी से विधायक और सांसदों का घेराव किया जाएगा। पूर्व पार्षद कमलप्रीत शर्मा ने कहा कि लगातार हो रहे विरोध के बावजूद भी सरकार यूजीसी बिल को वापस लेने की दिशा में कोई कदम नहीं उठा रही है।
कथावाचक पवन कृष्ण शास्त्री ने कहा कि सरकार को यह कानून वापस लेना चाहिए। इससे संस्कृति और संस्कार दोनों खराब हो रहे हैं। उन्होंने समाज के लोगों से एकजुट होकर आठ मार्च को दिल्ली में होने वाले महाआंदोलन में यूजीसी बिल के खिलाफ आवाज बुलंद करने का आह्वान भी किया।
इस मौके पर अभिषेक भारद्वाज, पंडित बालकृष्ण शास्त्री, भजन गायक कुलदीप कृष्ण चौहान, विनोद मिश्रा, भगवताचार्य पंडित संजय कृष्ण शास्त्री, अभिषेक नौटियाल, आदित्य जगूड़ी, पंडित सचिन पैन्यूली, कुलदीप शर्मा, पंडित वेंकटेश प्रसाद आदि मौजूद रहे।