एसएमजेएन पीजी कालेज में शनिवार को छात्रसंघ चुनाव के नामांकन के दौरान दो गुट आपस में भिड़ गए। विवाद विश्वविद्यालय प्रतिनिधि के नामांकन करने वाली एक छात्रा पर दोनों गुटों की ओर से दावा ठोकने पर हुआ। दोनों पक्षों में जमकर मारपीट होने से हंगामा खड़ा हो गया। पुलिस ने छात्रों को बमुश्किल खदेड क़र हंगामा शांत कराया।
एसएमजेएन पीजी कालेज में शनिवार को पहले एनएसयूआई ने पूर्व घोषित पैनल का नामांकन कराया। इसके बाद एसआरजी (स्टूडेंट रिव्यूलेशन ग्रुप) के छात्र नेता अपने प्रत्याशियों का नामांकन कराने पहुंचे। एनएसयूूआई की ओर से विवि प्रतिनिधि के लिए नामांकन करा चुकी एक छात्रा को एसआरजी ने अपना प्रत्याशी बताया और नामांकन कराने विंडो पर पहुंचे। यहां मौजूद छात्रसंघ अध्यक्ष अभिषेक कपिल सहित एनएसयूआई की तरफ से भूपेंद्र, दिव्यांश शर्मा, हिमांशु, शौकीन आदि ने इसका विरोध किया।
एसआरजी की ओर से वरुण बालियान, आदर्श कुमार, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष अमन शर्मा व ओमप्रकाश चौधरी का कहना था कि छात्रा का गलत तरीके से नामांकन कराया गया है। फार्म पर हस्ताक्षर भी छात्रा के नहीं है। देखते ही देखते दोनों गुटों के बीच हाथापाई और मारपीट शुरू हो गई। विंडो पर हंगामा होने पर पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और छात्रों को बाहर खदेड़ते हुए बमुश्किल हंगामा शांत कराया।
बाद में एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने दूसरे गुट के खिलाफ प्रदर्शन किया। दूसरे गुट में शामिल कांग्रेस नेताओं पर पार्टी के फ्रंटल संगठन के विरुद्ध काम करने का आरोप भी लगाया। प्रदर्शन करने वालों में सुमित त्यागी, भूपेंद्र कुमार, अंकुर गुर्जर, हिमांशु सैनी, शिवम राणा, राशिद, शौकीन, सुहेल, चांद ख्वाजा, तनवीर, कादिर, समीर, हर्ष, विवेक, शुभम आदि शामिल रहे।
वहीं एसआरजी की ओर से मीडिया को जारी बयान में आदर्श कुमार ने आरोप लगाया कि मौजूदा छात्रसंघ अध्यक्ष ने कोई कार्य छात्रहित में नहीं कराया है। पूर्व अध्यक्ष अमन शर्मा और ओमप्रकाश चौधरी ने कहा कि विरोधी दल पहले ही हार मान चुका है। नामांकन के दौरान निशांत धीमान, सोपिन चौधरी, अकरम आदि शामिल रहे।