- स्कूल से लौटते समय आर्यन भट्ट की नदी में डूबने से हुई थी मौत
पुल स्वीकृत होने पर लालढांग गांधी चौक पर जताया विधायक का आभार
संवाद न्यूज एजेंसी
लालढांग। रसूलपुर आर्यनगर से लालढांग को जोड़ने वाले 250 मीटर लंबे आयरन पुल आर्यन भट्ट के नाम से जाना जाएगा। 14 वर्षीय आर्यन भट्ट की सितंबर में स्कूल से लौटते समय रवासन नदी में डूबने से मौत हो गई थी, इसलिए आर्यन के नाम से पुल का नाम करने की घोषणा विधायक अनुपमा रावत ने की।
लालढांग गांधी चौक में मंगलवार को ग्रामीणों ने कार्यक्रम आयोजित कर क्षेत्रीय विधायक अनुपमा रावत का धन्यवाद जताया। रसूलपुर आर्यनगर से लालढांग को जोड़ने वाले 250 मीटर लंबे आयरन पुल की शासन से वित्तीय स्वीकृति मिलने पर क्षेत्रवासियों में खुशी का माहौल है। कांग्रेस नेता गुरजीत लहरी ने कहा कि विधायक के अथक प्रयास से शासन और प्रशासन ने गतिशीलता दिखाते हुए 40 दिनों में वित्तीय स्वीकृति दे दी है। ये क्षेत्रवासियों को विधायक का तोहफा है।
बता दें की 9 सितंबर 2026 को विधायक ने ग्रामीणों के साथ रवासन नदी पर सांकेतिक धरना दिया और तत्काल वित्तीय स्वीकृति की मांग मुख्यमंत्री से की थी। जिसके लिए ग्रामीणों ने भी 31 दिनों तक धरना दिया।
विधायक ने कहा कि रवासन नदी में पूर्व में हुई घटनाओं और आर्यन भट्ट की मौत और मामले की गंभीरता को देखते हुए मेरी द्वारा मुख्यमंत्री और अन्य विभागीय अधिकारियों से लगातार पत्राचार और वार्ता हुई। जिसके फलस्वरूप आज आयरन पुल निर्माण की सफलता मिली। कहा कि लोक निर्माण विभाग ने टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी हैं।
उन्होंने कहा कि पीली पढ़ाव से मीठीबेरी को जोड़ने वाला मार्ग का भी वन विभाग जल्द निर्माण शुरू करेगा। पीडब्लूडी ने वन विभाग को सड़क निर्माण के लिए पैसा ट्रांसफर कर दिया है। इस मौके पर शैलेंद्र पाठक, टीकाराम सैनी, विजेंद्र सैनी, सद्दाम, युसूफ, हनीफ़, टीकम, अर्जुन, गौरव ठाकुर, हक्कीमुला उसमानी, खेमसिंह, दीपक सैनी, वीजेंद्र सैनी आदि मौजूद रहे।