हरिद्वार। सिडकुल स्थित सत्यम ऑटो कंपनी के बाहर धरना देने के मामले में प्रबंधन की तरफ से श्रमिक नेता समेत 15 नामजद एवं 150 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। आरोप है कि धरना देने वालों ने कंपनी के कर्मचारियों को बंधक बनाया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
सिडकुल थाना प्रभारी लखपत सिंह बुटोला ने बताया कि सत्यम ऑटो कंपोनेंट्स प्राइवेट लिमिटेड के महाप्रबंधक राजीव नारायण गौड़ ने शिकायत दर्ज कराई है कि श्रमिक महिपाल एवं कुछ अन्य लोग 17 अप्रैल 2017 को अनुचित, असंवैधानिक एवं गैरकानूनी हड़ताल पर चले गए। कर्मियों ने काम पर आना बंद कर दिया। इसके बाद कंपनी प्रबंधन ने दो नवंबर 2017 से हड़ताली श्रमिकों के नाम मस्टर रोल/रिकार्ड से हटा दिए थे। राजीव नारायण गौड़ के मुताबिक श्रमिकों के निष्कासन का मामला औद्योगिक न्यायाधिकरण, हल्द्वानी में विचाराधीन है।
उन्होंने बताया कि आंदोलनकारी श्रमिकों महिपाल व अन्य की ओर से समय-समय पर शहर में धरना प्रदर्शन किया जाता है। कंपनी प्रबंधन के खिलाफ गाली-गलौच और अभद्र टिप्पणी की जाती है। आठ जुलाई को शाम सवा चार बजे महिपाल, चंद्रेश, राजेंद्र, राहुल, अलंकार माहेश्वरी, अंकित गुप्ता, राम प्रसाद गुप्ता, अनुज कुमार, प्रेम चंद्र यादव, अमित व इनके परिवार के महिला सदस्यों मीरा देवी, रंजू, रेखा, सपना, रीना देवी व रुबी चौहान ने कुछ बाहरी व्यक्तियों पाल सैनी, अभिषेक शर्मा निवासी नवोदय नगर और 150 अज्ञात लोगों ने फैक्टरी के दोनों मुख्य गेटों पर जबरन ताला लगाकर बंद कर दिया था। फैक्टरी में 300 कर्मचारी बाहर नहीं निकल पाए। कंपनी प्रबंधन के खिलाफ अभद्र टिप्पणी भी की गई। थाना प्रभारी लखपत सिंह बुटोला ने बताया कि संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।