चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी संघ (चिकित्सा स्वास्थ्य सेवाएं) के आह्वान पर कर्मचारियों के काला फीता बांधकर कार्य बहिष्कार आंदोलन का पहला चरण सोमवार को खत्म हो गया। दूसरे चरण में मंगलवार से संघ पदाधिकारियों की ओर से प्रत्येक जिले में मंत्रियों एवं स्थानीय विधायकों के माध्यम से मांगपत्र सौंपा जाएगा।
प्रदेश अध्यक्ष दिनेश लखेड़ा ने कहा कि चतुर्थ श्रेणी कर्मियों की लंबित मांगों पर स्वास्थ्य निदेशालय और विश्वविद्यालय ध्यान नहीं दे रहा है। पदोन्नति लटकी है। कर्मचारियों को उद्यान विभाग के माली की भांति टेक्निकल नहीं किया जा रहा है। मांगों के समर्थन में संघ के आह्वान पर प्रदेश भर में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का चरणबद्ध आंदोलन किया जा रहा है।
प्रदेश उपाध्यक्ष नेलसन अरोड़ा ने कहा कि आंदोलन का पहला चरण खत्म हो गया। पहले चरण में कर्मचारियों ने काला फीता बांधकर कार्य बहिष्कार किया। प्रदेश महामंत्री सुनील अधिकारी और वरिष्ठ उपाध्यक्ष गिरीश पंत ने कहा कि 20 जुलाई से 24 जुलाई तक सभी जिलों में कर्मचारी संघ के आह्वान पर मंत्रियों और विधायकों को प्रदेश सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। उपशाखा अध्यक्ष ऋषिकुल छत्रपाल और मंत्री जयनारायण सिंह ने कहा कि 26 और 27 जुलाई को दो घंटे का कार्य बहिष्कार कर धरना प्रदर्शन होगा। सोमवार को बहिष्कार करने वालों में आयुर्वेद यूनानी अध्यक्ष बिजेंद्र पाल, मंत्री जीत सिंह, दीपक धवन, प्रवक्ता शिवनारायण सिंह, सलाहकार रमेश पंत, अवनीश, पवन, कमल आशुतोष, कामेंद्र, अरुण, ताजबर सिंह, रमेश पंत, दुर्गा, राकेश भंवर, राजेंद्र तेश्वर, मूलचंद चौधरी, शीशपाल, खुशालमणि, नाथी, नितिन, अनिता, ममता और अजय रानी मौजूद रहे।