हरिद्वार। महाराष्ट्र के पुलगांव में सेना के सेंट्रल एम्युनिशन डिपो में अग्निकांड में धर्मनगरी का एक जाबांज अफसर भी शहीद हो गया। हरिद्वार के शिवालिकनगर निवासी लेफ्टिनेंट कर्नल रणजीत सिंह पंवार (39) के शहीद की होने की सूचना मिलते यहां शोक की लहर दौड़ गई। शहीद अफसर के पिता वरिष्ठ कांग्रेसी नेता और भेलकर्मी से सेवानिवृत्त हैं। शहीद के माता-पिता पिछले पंद्रह दिन से उनके साथ में वहीं थे। घर पर सन्नाटा पसरा है।
लेफ्टिनेंट कर्नल रणजीत सिंह पंवार के पिता बहादुर सिंह पंवार मूलरूप से पंजाब के रहने वाले हैं। भेल में नौकरी करते हुए वे शिवालिकनगर में बस गए। बहादुर सिंह ने भेल में नौकरी करते हुए कांग्रेस पार्टी में राजनीति की। वह शिवालिकनगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भी रहे। उनके दो बेटों में छोटा पुत्र रणजीत सिंह पंवार ने डीपीएस रानीपुर में इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई की। इसके बाद वह आर्मी में भर्ती हो गए। वह इस समय लेफ्टिनेंट कर्नल के पद पर थे। उनकी पत्नी भी आर्मी में मेजर थी, लेकिन उन्होंने सेवानिवृत्ति लेकर बैंक में सुरक्षा आफिसर की नौकरी कर ली। आसपास के लोग बताते हैं कि लेफ्टिनेंट कर्नल रणजीत सिंह दीपावली पर अपनी पत्नी के साथ शिवालिकनगर आये थे। पिछले 15 दिनों से उनके माता-पिता उनके साथ में ही रह रहे थे। खुशहाल परिवार के लिए बुधवार की रात मनहूस साबित हुई। महाराष्ट्र के पुलगांव में सेना के सेंट्रल एम्युनिशन डिपो अग्निकांड में रणजीत सिंह पंवार की शहीद होने की सूचना मिली। बहादुर सिंह पंवार के परिचित सहित अन्य लोग उनके घर पर पहुंचे, लेकिन वहां पर कोई नहीं मिला। पूर्व राज्यमंत्री संजय पालीवाल, डीपीएस के प्रधानाचार्य केसी पांडे, उप प्रधानाचार्य प्रविंद्र सिंह ने इसे अपूर्णनीय क्षति करार दिया। संजय पालीवाल ने बताया कि बड़े ही शांत चित्त स्वभाव के धनी रणजीत सिंह बड़े मिलनसार थे। उनके आते ही मोहल्ले में रौनक हो जाती थी। वे जब भी छुट्टी लेकर यहां आते तो उनसे मिलने वालों की हमेशा भीड़ रहती। समय मिलने पर वह पुुराने दोस्तों से मिलते थे।
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