डॉ. यशोधन महाराज ने समझाया धार्मिक और नैतिक मूल्यों का महत्व
संवाद न्यूज एजेंसी
सप्तऋषि। जीडी पुरम के पारीक भवन आश्रम में श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का भव्य शुभारंभ किया गया। कथा के प्रथम दिन क्षेत्र में एक भव्य कलश यात्रा और परिक्रमा निकाली गई। इसमें बड़ी संख्या में आए श्रद्धालुओं ने पवित्र श्रीमद्भागवत ग्रंथ और मंगल कलश को पुष्प मालाओं से सजाकर क्षेत्र की परिक्रमा की।
इस धार्मिक यात्रा के समापन के बाद मुख्य कथा ज्ञान यज्ञ का प्रारंभ हुआ। कथा व्यास डॉ. यशोधन किसन महाराज साखरे ने धर्म के वास्तविक तत्वों को रेखांकित किया और उसके महत्व को समझाते हुए पावन धार्मिक विचारों का प्रवाह किया। उन्होंने बताया कि जीवन में धार्मिक और नैतिक मूल्यों का पालन करना क्यों अनिवार्य है।
इस विशेष धार्मिक प्रसंग पर देश के विभिन्न हिस्सों से आए कई गणमान्य लोग और श्रद्धालु उपस्थित रहे। महाराज ने बताया कि हरिद्वार धर्मनगरी के पावन गंगा तट पर स्थित इस आश्रम में धार्मिक अनुष्ठान आयोजित करते हुए श्रीमद्भागवत कथा का सुअवसर सभी तीर्थयात्रियों को मिल रहा है यह भी भगवान की कृपा है।
मुख्य रूप से नांदेड़ से एकनाथ वटटमवार, दीपक कवटेकवार, रमेश भायेकर और आलंदी से निखिल चक्रवार सहित सैकड़ों की संख्या में तीर्थयात्री इस भव्य भक्ति प्रवाह के साक्षी बने। पूरा परिसर इस दौरान भक्तिमय और सात्विक वातावरण से भक्तिमय वातावरण बन गया।