हरिद्वार। विद्युत वितरण खंड ज्वालापुर में तैनात एक उपनल कर्मचारी तबादले के आदेश जारी होने के बाद 11 दिन से अधिक समय के बाद भी पुराना तैनाती स्थल छोड़ने को तैयार नहीं है। एक अवर अभियंता ने उसके ट्रांसफर को रुकवाने के लिए जोर लगा दिया है। ऐसे में विभागीय कार्यप्रणाली और आदेशों के पालन को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
पिछले दिनों एक उपनल कर्मचारी पर रिश्वत मांगने के आरोप लगे थे जबकि अन्य कई शिकायतें भी हुई थी। इसके बाद अधिशासी अभियंता रवि कुमार ने मामले में जांच बैठाने के साथ ही कर्मचारी से स्पष्टीकरण मांगा था। जांच में पुष्टि होने के बाद अधिशासी अभियंता ने 19 मई को स्थानांतरण करते हुए आदेश जारी कर दिया था। आदेश जारी किए जाने के बावजूद कर्मचारी ने अभी तक कार्यमुक्त होकर नए तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण नहीं किया है।
मामले को लेकर विभागीय कर्मचारियों के बीच भी चर्चा बनी हुई है। कर्मचारियों का कहना है कि यदि स्थानांतरण आदेशों का समय पर पालन नहीं कराया गया तो इससे विभागीय अनुशासन प्रभावित होगा और गलत संदेश जाएगा। उधर, सूत्रों का कहना है कि मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों तक पहुंच चुकी है। अब यह देखा जाना बाकी है कि विभाग स्थानांतरण आदेश का पालन सुनिश्चित कराने के लिए क्या कदम उठाता है। मामले को लेकर ऊर्जा निगम के जिम्मेदार अधिकारी फिलहाल कोई टिप्पणी करने से बच रहे हैं।