हरिद्वार। शंकर आश्रम के पास सेराजेम नाम से फिजियोथैरेपी सेंटर चलाने वाले डाक्टर अनिल कुमार तोमर की मौत की गुत्थी सुलझाने में पुलिस उलझकर रह गई है। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि डाक्टर की मौत कैसे हुई। पुलिस घटनाक्रम कडियां जोड़ने में लगी है।
बहादराबाद के पास रघुनाथ मॉल में रहने वाले डाक्टर अनिल कुमार तोमर का शव मंगलवार की सुबह करीब पौने आठ बजे रानीपुर झाल के पास उनकी टाटा सफारी गाड़ी में जला मिला था। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजने के साथ ही मामले की जांच भी शुुरू कर दी थी। घटना स्थल को देखकर पुलिस के मन में कई सवाल अभी भी चल रहे हैं। माना जा रहा कि डाक्टर के साथ कार में कोई और भी रहा होगा लेकिन बुधवार को जब पुलिस इस मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी तो एक नई बात और सामने आई। डॉक्टर तोमर की कार मंगलवार की तड़के करीब चार बजे चंडी घाट चौक के पास से गुजरती हुई सीसीटीवी कैमरे में दिख रही है और उसमें डाक्टर तोमर अकेले थे। अब पुलिस यह जानने में जुटी है कि चार बजे डाक्टर तोमर कहां से आ रहे थे। एसपी सिटी नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि मामले की जांच अभी की जा रही है। उम्मीद हे कि शीघ्र ही यह गुत्थी सुलझा ली जाएगी।