कांवड़ लेकर जाते शिवभक्त । संवाद
मंगलवार की देर रात पंचक समाप्त होने के बाद बुधवार को मौसम में बदलाव आया और सुबह से ही बारिश शुरू हो गई। इसके बावजूद शिवभक्तों की आस्था में कोई कमी नहीं आई। वे अपनी सनातन यात्रा जारी रखे हुए हैं। बारिश के बीच भी बोल बम के जयकारे गूंजते रहे। यह यात्रा विश्व की सबसे बड़ी यात्राओं में से एक है। बारिश को शिवभक्तों ने भोलेनाथ का आशीर्वाद माना और पूरे उत्साह से कांवड़ लेकर निकलते रहे।
बारिश में भीगते हुए भी कांवड़ यात्रियाें के कदम नहीं रुके। धर्मनगरी हरिद्वार का दृश्य इन दिनों रेलवे ट्रैक की तरह दिख रहा है। जब तक कांवड़ यात्री पटरी से गुजरते हैं तब तक बैरिकेड लगाकर पुलिस आवागमन को रोकती है। जब आवागमन शुरू होता है तो कांवड़ यात्रियों को रोका जाता है। समूचे शहर में अमरापुर घाट से लेकर बहादराबाद तक यही दृश्य दिखा। हालांकि ट्रैफिक से ज्यादा समय कंधे पर गंगा जल लेकर पटरी से गुजर रहे यात्रियों को दिया जा रहा है।
बुधवार की सुबह मौसम बारिश के चलते काफी सुहावना हो गया। कांवड़ यात्रियों के कदम बारिश की बूंदों में आस्था और विश्वास के साथ शिव कृपा पाने के लिए लगातार बढ़ते रहे। हर मार्ग पर श्रद्धालुओं का भारी सैलाब उमड़ रहा है। यह यात्रा सनातन संस्कृति के एक बड़े महायज्ञ का स्वरूप ले चुकी है। आस्था का यह अद्भुत संगम हर जगह देखने को मिल रहा है। यात्रा के छठवें दिन से ही शहर बोल बम और डीजे की धुन से सराबोर होने लगा है।