I- उत्तराखंड सिंचाई विभाग ने चर्चित पंतदीप पार्किंग की लगवाई ई-ओपन बोलीI
शहर की चर्चित पंतदीप पार्किंग का ठेका इस बार 27 करोड़ पार जाकर छूटा। उत्तराखंड सिंचाई विभाग ने टेंडर की प्रक्रिया के चरण ई-ओपन बोली को नियम और उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन करते हुए बृहस्पतिवार को संपन्न कर लिया। इस बार सर्वाधिक बोली परिधि एसोसिएट ने लगाई। इससे राज्य सरकार के खजाने में 2019 के मुकाबले 19 करोड़ से अधिक धनराशि आएगी।
बता दें कि उच्च न्यायालय के आदेश के तहत नवंबर के पहले सप्ताह में पंतदीप पार्किंग के ठेके की प्रक्रिया शुरू की गई थी। 28 दिसंबर को टेंडर की फाइनेंसियल बिड खोली गई। इसमें कुल छह फर्म शामिल हुईं। तीन फर्म टेंडर प्रक्रिया की शर्तों को पूरा नहीं कर पाने के कारण पहले ही तकनीकी बिड में बाहर हो गईं। बची तीन में सबसे अधिक परिधि एसोसिएट रुड़की की ओर से 27 करोड़ 38 लाख रुपये की लगाई गई। वर्ष 2019 के अनुरूप यह बोली तीन वर्षों के लिए ही लगाई गई है।
इस बार उत्तराखंड सिंचाई विभाग ने न्यूनतम बोली 11 करोड़ 20 लाख रुपये रखी थी। इसके सापेक्ष 19 करोड़ 23 लाख रुपये अधिक की बोली लगी। इससे प्रदेश की सबसे बड़ी बोली इस पार्किंग की ही मानी जा रही है।
Iजांच में सीबीआई को मिला एक नया आधारI
राजस्व के नुकसान और अधिकारियों पर चहेते को ठेका देने के आरोपों की जांच कर रही सीबीआई को एक नया और ठोस आधार मिल गया। हाईकोर्ट में याचिकाकर्ता मधुकर शर्मा और अशोक कुमार सिंह का भी यही आरोप था कि तीन साल का ठेका महज चंद रुपयों में दिया गया। जबकि, नियम से और खुली बोली के आधार पर यदि पार्किंग का ठेका दिया जाता तो इससे राजस्व में करोड़ों का फायदा होता।
बता दें कि पूर्व पार्षद लखन लाल चौहान ने भी शासन में शिकायत करते हुए वर्ष 2019 में ही इस मामले की एसआईटी जांच की मांग की थी। उस समय उनकी मांग की अनदेखी की गई और हाईकोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई जांच में जुटी है। इस बार नियम और शर्तों के आधार पर की गई ई-टेंडरिंग की प्रक्रिया और राज्य सरकार के खजाने में पहुंची अधिक धनराशि से स्पष्ट हो गया है कि पहले जो टेंडर हुए, उसमें गड़बड़ियां की गईं। नियमों को ताक पर रखा गया।
हाईकोर्ट जाने वाली फर्म और राज्य सूचना से आरटीआई के तहत जवाब मांगने वालों का भी यही आरोप था कि तीन वर्षों के लिए किया गया टेंडर मात्र आठ करोड़ में दिया गया। जबकि, इस वर्ष 2019 में दी गई न्यूनतम बोली को भी पहले से दोगुना किया गया।
Iमौजूदा ठेकेदार ने लगाई सबसे कम बोलीI
पंतदीप पार्किंग का संचालन कर रही रिद्धिम एसोसिएट ने सबसे कम बोली लगाई। तीन फर्म पहले ही अयोग्य घोषित हो गई थीं, ऐसे में कुल तीन फर्म की ओर से बोली लगाई गई। इसमें मौजूदा ठेकेदार ने 15 करोड़ 10 लाख और एक अन्य फर्म आरके जैन ने 16 करोड़ 85 लाख की बोली दी। सीबीआई जांच को देखते हुए उत्तराखंड सिंचाई विभाग ने इस बार नियमों का पूरी तरह पालन किया। इसका परिणाम सरकार के खजाने में 27 करोड़ से अधिक धनराशि पहुंची है।