डाक्टर से रंगदारी के मांगने के आरोपी कनखल पुलिस की गिरफ्त में ।
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बागेश्वर स्थित राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय में तैनात डॉ. विजय कुमार से पांच लाख की रंगदारी मांगने का मास्टर माइंड उनका एक परिचित ही निकला। क्रिमिनल इंवेस्टिगेशन यूनिट (सीआईयू) और कनखल पुलिस ने वारदात का खुलासा करते हुए मास्टर माइंड समेत तीन आरोपियों को धर दबोचा।
कनखल की अजितेश विहार कालोनी निवासी डॉ. विजय कुमार को बीती 27 और 28 सितंबर को कॉल कर पांच लाख की रंगदारी देने की मांग की गई थी। ऐसा करने से इंकार करने की स्थिति में परिवार की हत्या कर देने की धमकी दी गई थी। डॉक्टर ने इस संबंध में स्थानीय पुलिस को सूचना देकर अज्ञात आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। बृहस्पतिवार को एक शख्स ने कॉल कर डॉक्टर को क्षेत्र के आयरिश पुल निकट बैरागी कैंप में रंगदारी की रकम के साथ बुलाया।
पीड़ित की सूचना पर सीआईयू और कनखल पुलिस ने जाल बिछाया। दी। डॉक्टर से रंगदारी की रकम लेने पहुंचे युवकों को पुलिस फोर्स ने मौके पर ही दबोच लिया। थाने लाकर पूछताछ की गई तो आरोपियों ने अपने नाम शुभम उर्फ आकाश कश्यप पुत्र भूरे लाल निवासी कुंजगली खड़खड़ी, राजीव तिवारी पुत्र सुशील तिवारी निवासी शिवनगर रानीगली भूपतवाला और संजय धीमान पुत्र राजकुमार धीमान निवासी गुसांई गली खड़खड़ी बताया। पूछताछ में सामने आया कि राजीव तिवारी पहले से ही डॉ. विजय कुमार को जानता था, क्योंकि सरकारी नौकरी लगने से पूर्व वह खड़खड़ी क्षेत्र में क्लीनिक चलाते थे। उसी ने रंगदारी की पटकथा तैयार की थी। एसओ हरिओमराज चौहान ने बताया कि सभी पेशे से दिहाड़ी पेशा है। जिस दुकान से सिम कार्ड खरीदा गया है, उससे भी पूछताछ करेंगे। रंगदारी मांगने में प्रयुक्त मोबाइल फोन के अलावा भी इनसे मोबाइल फोन मिले है।
फिल्मी अंदाज में वसूलनी थी रकम
हरिद्वार। डॉ. विजय कुमार से एकदम फिल्मी स्टाइल में रंगदारी की रकम वसूलने का प्लान बनाया गया था। रंगदारी मांग रहे युवकों ने डॉक्टर से संपर्क कर उसे शाम के वक्त देहरादून की तरफ जाने वाली एक ट्रेन में सवार होने की बात कही थी। यह भी कहा था कि वह खुद उससे संपर्क कर रकम ले लेंगे, लेकिन डॉक्टर ने उनकी मान मनौव्वल कर ट्रेन की बजाय आयरिश पुल के पास आने के लिए राजी कर लिया और वे पुलिस के बुने जाल में फंस गए।