- वेतन वृद्धि के संरचना में बदलाव और पदोन्नति का लाभ न देने का आरोप
हरिद्वार। शिक्षक-कर्मचारी गुरुकुल कांगड़ी विवि (विश्वविद्यालय) मनमानी पर भड़क गए हैं। आरोप है कि कर्मचारियों की वेतन वृद्धि की संरचना में बदलाव किया गया है व उन्हें पदोन्नति का लाभ भी नहीं दिया जा रहा है। शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉक्टर मुरली मनोहर तिवारी, सचिव नामित खंडूजा, कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष रजनीश भारद्वाज, महामंत्री नरेंद्र मलिक, संगठन मंत्री सत्यदेव राठी, अरुण कुमार, मोहन सिंह ने कहा कि विवि प्रशासन की ओर से हठधर्मिता की जा रही है। कहना है कि विवि प्रशासन ने कर्मचारियों की विभिन्न जायज मांगों पर विचार करने के बदले बिना किसी पूर्व सूचना लगभग 80 कर्मचारियों की वार्षिक वेतन वृद्धि की संरचना में मनमाना बदलाव किया है ये कर्मचारी पिछले 20 वर्षों से विवि में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। अब तक इन्हें भारत सरकार के नियमों के अनुरूप सभी वेतन लाभ प्राप्त हो रहे थे, लेकिन, अब कर्मचारियों की अनदेखी की जा रही है। संगठनों का कहना है कि जनवरी 2026 से देय महंगाई भत्ता अभी तक शिक्षक और शिक्षणेतर कर्मचारियों को प्रदान नहीं किया गया है। पदोन्नति प्राप्त अध्यापकों को भी आर्थिक और पद संबंधी लाभ नहीं दिया गया है। शिक्षणेतर कर्मचारियों की वर्षों से लंबित एमएसीपी को भी रोक दिया है। चेतावनी दी है कि प्रशासन मनमाने आदेश को अविलंब निरस्त करे। पूर्व की भांति भारत सरकार के नियमों के अनुरूप वेतन वृद्धि और एमएसीपी की प्रक्रिया बहाल किया जाए। जनवरी 2026 से लंबित डीए का भुगतान तुरंत किया जाए। पात्र अध्यापकों को पदोन्नति का लाभ अविलंब दिया जाए।