अवधूत मंडल आश्रम के परमाध्यक्ष और महामंडलेश्वर स्वामी रूपेंद्र प्रकाश ने कहा कि ज्योतिष के बिना जीवन की कल्पना भी संभव नहीं है। क्योंकि, ज्योतिष का सीधा संबंध हमारे सौर मंडल से है। ग्रह-राशियां हमारे जीवन को प्रभावित करती हैं। यह सिद्धांत आधुनिक विज्ञान ने भी स्वीकार किया है।
उत्तराखंड संस्कृत अकादमी परिसर में अखिल भारतीय ज्योतिष सम्मेलन में महामंडलेश्वर ने बतौर अतिथि शिरकत की। कार्यक्रम के संयोजक ज्योतिषाचार्य रमेश सेमवाल ने कहा कि ज्योतिष शास्त्र में मुहूर्त का विशेष महत्व है। मानव अपने जन्म एवं मृत्यु को छोड़कर प्रत्येक कार्य के संपादन में मुहूर्त का विचार करता है। आधुनिक युवा वर्ग अपने मूल्यों एवं सिद्धांतों का अनुसरण करें, इसलिए इस प्रकार के सम्मेलनों का होना अत्यंत आवश्यक है। कार्यक्रम में जयपुर से आए हुए अंक शास्त्री कुमार गणेश की ओर से बताया गया कि ज्योतिष में न केवल जन्मतिथि, अपितु जन्ममास और जन्म वर्ष का भी विशेष महत्त्व है।
इस मौके पर डॉ. ओमप्रकाश भट्ट, एकादमी सचिव शिव प्रसाद खाली, पं. त्रिलोचन व्यास, डॉ. रत्न लाल, सत्येंद्र प्रसाद डबराल, डॉ. हरीशचंद्र गुरुरानी, गिरीश कुमार अवस्थी, देशराज शर्मा, कमल किशोर, भगीरथ शर्मा, लीला रावत, रमा कठैत, डॉ. वाजश्रवा आर्य, रोशन गौड़ मौजूद रहे।