- किसी भी दशा में गंगा में न जाने पाए गोबर या अन्य गंदगी समिति की बैठक में दिए निर्देश
- बैठक में कई अधिकारियों के शामिल नहीं होने पर उठे सवाल जिलाधिकारी जल्द लेंगे स्पष्टीकरण
माई सिटी रिपोर्टर
हरिद्वार। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में जिला गंगा संरक्षण समिति की 71वीं बैठक बुधवार को जिला कार्यालय सभागार में आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता प्रभागीय वनाधिकारी स्वप्निल अनिरुद्ध ने की। बैठक में कई अधिकारी अनुपस्थित रहे, जिसकी पूरी रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी जाएगी।
बैठक में जिले में संचालित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी), गोशालाओं और डेयरी की नियमित जांच करने के निर्देश दिए गए। जल संस्थान और पेयजल निगम के अधिकारियों को कहा गया कि वे अपने विभाग के एसटीपी की नियमित मॉनीटरिंग करें। नगर निगम के अधिकारियों को जिले में गोशालाओं की सूची तैयार करने और सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए कि गोबर या गंदगी गंगा में न जाए। ऐसा होने पर न केवल संबंधित पर, बल्कि जिम्मेदार विभाग पर भी कार्रवाई होगी। प्रभागीय वनाधिकारी स्वप्निल अनिरुद्ध ने नगर निगम और अन्य विभागों को निर्देश दिए कि गंगा को स्वच्छ रखने के लिए नालों से गंदा पानी और कचरा न जाए। घाटों और अतिक्रमित क्षेत्रों में आवश्यक कार्रवाई कर रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपने और पुलों पर जाली लगाने का कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में प्रोजेक्ट मैनेजर पेयजल निगम मीनाक्षी मित्तल, डॉ. राजेंद्र सिंह, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत, उप मुख्य नगर अधिकारी दीपक गोस्वामी, सहायक अभियंता जल संस्थान अब्दुल रशीद, जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी महिमानद जोशी, जिला परियोजना अधिकारी नमामि गंगे सत्यदेव आर्य और समिति सदस्य रामेश्वर गौड़, मनोज निषाद, संजय सकलानी उपस्थित रहे।