बाघों की संख्या में घनत्व के हिसाब से नंबर एक पर प्रदेश
प्रदेश के वनमंत्री सुबोध उनियाल ने कनखल स्थित श्री जगद्गुरु आश्रम में शारदा पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज से आशीर्वाद प्राप्त किया। वनमंत्री ने कहा कि बाघों की संख्या में घनत्व के मामले में प्रदेश नंबर एक पर है। उन्होंने कहा कि लोमड़ी को पुनर्जीवत करने के लिए मिशन लोमड़ी शुरू किया गया है। मानव वन्य जीव संघर्ष रोकने के लिए भी आमजन को वनों के प्रति दोस्ताना बनाने पर काम किया जा रहा है।
शनिवार को आश्रम में पहुंचे वनमंत्री ने कहा कि जगद्गुरु शंकराचार्य से राजनीतिक लोग आशीर्वाद लेने के लिए आते रहते हैं। वह भी समय-समय पर आते रहते हैं। मैं भी आज आशीर्वाद लेने के लिए आया हूं। चूंकि, प्रदेश के विकास में जगद्गुरु शंकराचार्य अनुभव के बल पर मार्ग दर्शन करते हैं। इससे प्रदेश का चहुंमुखी विकास करने में मदद मिलती है। कहा कि 20 साल पहले प्रदेश में बाघों की संख्या दो गुना करने का लक्ष्य लिया गया था, लेकिन आज बाघों की संख्या तीन गुना हो चुकी है। सर्वे ऑफ इंडिया की ओर से जारी रिपोर्ट में राज्य में 3115 बाघ हैं। जिससे भले ही बाघों की संख्या में प्रदेश तीसरे नंबर पर है, मगर घनत्व के आधार पर बाघों में नंबर वन है। कहा कि जन सहभागिता को लेकर मानव जीव संघर्ष रोकना है। इसके लिए आगे बढ़ रहे हैं।
वनमंत्री ने कहा कि 50 हजार बंदरों का बध्याकरण जल्द किया जाएगा। इसे मिशन के रूप में लिया जा रहा है। सर्वे ऑफ इंडिया ने 2021 तक एक लाख 10 हजार बंदरों की संख्या बताई है। उम्मीद है कि अब तक प्रदेश में डेढ़ लाख बंदर हो चुके हैं। बंदरों की आबादी पर नियंत्रण करने के लिए तीन साल में पूर्ण रूप से बध्याकरण किया जाएगा। जंगली सुअर की संख्या में बड़ी तेजी के साथ बढ़ोत्तरी हो रही है। पर लोमड़ी बहुत कम हो गई है। जबकि लोमड़ी सुअर के बच्चों को पैदा होते ही खा लेती थी। इसलिए लोमड़ी को बढ़ाने के लिए मिशन शुरू किया गया है। कहा कि विभिन्न प्रकार की फेंसिंग कर जंगली जानवरों को आबादी में आने से रोका जाएगा।