हरिद्वार। शिवभक्तों की सेवा के लिए लगने वाले तमाम शिविरों के बीच कुछ श्रद्धालु ऐसे भी रहे, जिन्होंने निजी तौर पर भी शिवभक्तों की सेवा की। रविवार को ऐसा ही एक नजारा टिबड़ी हिल बाईपास मार्ग पर दिखा। जहां एक महिला ने अपनी मजदूरी के पैसों से अपनी झोपड़ी के बाहर ही शिवभक्तों के लिए शर्बत का स्टॉल लगाया। हाथ में शर्बत का गिलास और मन में शिवभक्तों की सेवा का भाव लिए यह महिला जब शिवभक्तों को रोक रोककर शर्बत पीने का आग्रह करती तो अतिथि देवो भव: की भारतीय संस्कृति अनायास ही साकार होती नजर आई।
गंगाजल लेने हरिद्वार आने वाले शिवभक्तों की सेवा के लिए हर साल तमाम संस्थाएं सेवा शिविर लगाती हैं। संस्थाओं के अलावा बड़ी संख्या में लोग मिलजुलकर सामूहिक प्रयास से भी कांवडिय़ों की सेवा करते हैं। रविवार को टिबड़ी फाटक से हिल बाईपास मार्ग पर सुभावती महिला शिवभक्तों को शर्बत पिलाती रही। सड़क किनारे झोपड़ी में रहने वाली सुभावती ने अपनी हैसियत के मुताबिक एक छोटे से प्लास्टिक के ड्रम में पानी, दूध और चीनी मिलाकर शर्बत बनाया और पूरी श्रद्धा के साथ शिवभक्तों को पिलाया। जैसे ही कोई कांवड़ियां अपने वाहन की रफ्तार हल्की करता, वह शर्बत का गिलास लेकर उसकी तरफ दौड़ पड़ती। बिहार के गोपालगंज की मूल निवासी सुभावती यहां हरिद्वार औद्योगिक क्षेत्र मे अपने पति श्रीराम बाबू ठाकुर और दो बेटों शशिरंजन और ऋषि रंजन के साथ रहती है। सुभवती ने बताया कि उनके पति मजदूरी करते हैं।
परिवार पालने के लिए वह खुद भी फैक्ट्री में काम करती है। कुछ पैसे बचाकर कांवड़ियों के लिए शर्बत का इंतजाम किया है। सुभावती ने कहा कि भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए शिवभक्तों की सेवा भी एक माध्यम है। यह सेवा वह लगातार पांच सालों से कर रही हैं।