पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि सहित हरिद्वार के कई प्रमुख संतों को जहर देकर मारने की साजिश रची गई। साजिश रचने वाले को प्रयागराज पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। आरोपी का नाम विक्रम शर्मा और बागपत का रहने वाला बताया जा रहा है। आरोपी 29 नवंबर को स्वामी कैलाशानंद गिरि के आश्रम श्री दक्षिण काली मंदिर में भी आया था।
रविवार को दक्षिण काली मंदिर परिसर में पत्रकारों से वार्ता करते हुए आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि ने खुद की हत्या की आशंका जताते हुए पुलिस प्रशासन से पूरे मामले की जांच की मांग की। स्वामी कैलाशानंद गिरि ने कहा कि आरोपी 29 नवंबर को आश्रम में आया था। करीब पांच घटे आश्रम में रुका और रजिस्टर में अपना नाम पता भी गलत दर्ज कराया था। यहां की रेकी की थी। उन्होंने कहा कि आरोपी प्रयागराज में रहने वाली साध्वी त्रिकाल भवंता के आश्रम पहुंचा और उन्हें जहर देकर संतों को मारने की योजना बताई। त्रिकाल भवंता ने पुलिस को सूचना दी। जिस पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
उन्होंने बताया कि साध्वी त्रिकाल भवंता ने उन्हें भी पूरे मामले से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि आरोपी एक जनवरी को श्री दक्षिण काली मंदिर में होने वाले जन्मोत्सव समारोह के दौरान भोजन में जहर मिलाकर उनकी, अखाड़ा परिषद एवं मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी, अखाड़ा परिषद के महामंत्री श्रीमहंत हरि गिरि की हत्या करना चाहता था। स्वामी कैलाशानंद गिरि ने बताया कि उत्तर प्रदेश पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। स्थानीय स्तर पर एसएसपी व जिलाधिकारी को भी पूरे मामले से अवगत करा दिया गया है। श्रीमहंत रविंद्रपुरी और श्रीमहंत हरि गिरि ने कहा कि आरोपी खीर में जहर मिलाकर संतों की हत्या करना चाहता था। जानकारी सामने आने पर जन्मोत्सव समारोह को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। भोजनालय में कैमरे लगाए जाएंगे।