शिवरात्री की पूर्व संध्या पर पर लाइटों से सजा दक्षेश्वर महादेव मंदिर ।
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महाशिवरात्रि के पर्व पर पूजा अर्चना के साथ जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक के लिए धर्मनगरी के पौराणिक शिव मंदिरों को सजाकर तैयार हो गए हैं। शुक्रवार को तड़के ही दक्षेश्वर महादेव, बिल्वकेश्वर, नीलेश्वर, दरिद्र भंजन, प्राचीन सिद्धपीठ श्री तिलभांडेश्वर में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें पूजा अर्चना के लिए लग जाएगी।
महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर प्राचीन सिद्धपीठ श्री तिलभांडेश्वर महादेव मंदिर में शिव विवाह महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। महंत त्रिवेणीदास ने बताया कि महाशिवरात्रि के उपलक्ष्य में विश्व शांति के लिए शिव शक्ति यज्ञ रात्रि चतुर्थ प्रहर पूजा शिव भंडारे का आयोजन किया जा रहा है।
प्राचीन सिद्धपीठ श्री तिलभांडेश्वर महादेव मंदिर के महंत त्रिवेणीदास ने बताया कि मान्यता है कि इस दिन जो भक्त तिल चढ़ाते हैं, उनके कष्ट दूर होते हैं, जो चावल, पुष्प आदि से पूजन करते हैं शुभ और मंगल की प्राप्ति होती है। दूध से पुत्र, दही से पशु, सरसों के तेल से शत्रु नाश, भांग के रस से शक्ति, गन्ने के रस से धन, विल्व पत्र से मन इच्छित फल की प्राप्ति होती है। इसीलिए महाशिव रात्रि को सबसे श्रेष्ठ रात्रि माना जाता है। इसके अलावा कई शिवालयों में मेले में भी लगेंगे।