हरिद्वार। उत्तरी हरिद्वार स्थित पावन धाम में हुई कांग्रेस कार्यसमिति की मासिक बैठक में विभिन्न प्रस्ताव पर चर्चा की गई। वर्ष 2017 के चुनाव के संबंध में पार्टी को दोबारा सत्ता में लाने के संकल्प के साथ ही कांग्रेस की नीतियों और सरकार की उपलब्धियों को जन जन तक पहुंचाने का निर्णय लिया गया। पीडीएफ के विधायकों की सीटों पर पार्टी की रणनीति क्या रहे यह अधिकार पार्टी हाईकमान को दिया गया। साथ ही जनता के बीच जाने के लिए जगह जगह कार्यक्रम करने का भी निर्णय लिया गया।
शुक्रवार की दोपहर प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय की अध्यक्षता में हुई बैठक में वक्ताओं ने 2017 के चुनाव में पार्टी की सरकार बनाने के लिए पुरजोर मेहनत करने पर बल दिया। किशोर उपाध्याय ने कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष शनिवार को हरिद्वार आ रहे है वे केवल कोरी घोषणाएं न करें बल्कि सबसे पहले उत्तराखंड में राजनीतिक अस्थिरता लाने के लिए यहां की जनता से माफी मंागें और विकास को प्रोत्साहन देने के संकल्प के साथ आएं। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने उत्तराखंड के साथ सौतेला व्यवहार किया। राज्य के बजट में भारी कटौती की और अब विधानसभा द्वारा विधिवत पारित बजट पर केंद्र सरकार कुंडली मारकर बैठ गई। अमित शाह को बजट की स्थिति स्पष्ट करनी हेागी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से जनता के बीच जाकर राज्य सरकार की उपलब्धियां एवं केंद्र की नाकामियों का प्रचार करने को कहा। प्रदेश उपाध्यक्ष जोत सिंह बिष्ट, मीडिया प्रभारी धीरेंद्र प्रताप, पूर्व विधायक अंबरीष कुमार, काजी निजामुउद्दीन, महानगर अध्यक्ष अंशुल श्रीकुंज, प्रदेश महामंत्री जयपाल जाटव, एसपी सिंह, इरशाद अली, जिलाध्यक्ष तेलूराम, मास्टर सतपाल आदि ने भी भाजपा और केंद्र सरकार को कोसा। बैठक में जितेंद्र सरस्वती, रमेश मैक्स, नवीन जोशी, बीना जोशी, राजेंद्र भंडारी, संतोष चौहान, राजेश जुवांठा, प्रयाग दत्त भट्ट, आरती रतूडी, खजान पांडे, सिल्की अरोड़ा, सूर्यकांत धस्माना, रविंद्र जैन, ओपी चौहान, सुनील अरोड़ा समेत बड़ी संख्या में नेता मौजूद रहे।
--------------------
उपाध्याय के कार्यकाल को सराहा
हरिद्वार। प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में वक्ताओं ने अध्यक्ष के रुप में किशोर उपाध्याय के कार्यकाल को सफलतम बताया। तथा पार्टी हाईकमान से इस कार्यकाल को विस्तार देने की मांग की। उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी सम्मान परिषद के पूर्व अध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप और जेपी पांडे ने इस आशय का प्रस्ताव रखा। जिसका गोपाल नारसन, अंशुल श्रीकुंज, मनीष कर्णवाल आदि ने समर्थन किया। पार्टी के व्यापक प्रचार प्रसार और संकट के दौर में सरकार के साथ संगठन के खड़ा होने को लेकर सभी ने किशोर उपाध्याय की भूमिका को सराहा। उन्हें राज्यसभा न भेजे जाने की टीस कार्यकर्ताओं में दिखी। लेकिन किशोर उपाध्याय ने यह कहकर उनका उत्साह कम नहीं होने दिया कि उनके लिए पद से ज्यादा कार्यकर्ताओं का प्यार जरूरी है। पावन धाम के परमाध्यक्ष स्वामी सहज प्रकाश ने बैठक में भाग लेने आए नेताओं का स्वागत किया।