सीबीएसई 12वीं के परीक्षा परिणामों में जनपद के टॉप फाइव मेरिट में जिले के 11 विद्यार्थियों ने अपना स्थान बनाया है। इनमें सात छात्र-छात्राएं धर्मनगरी हरिद्वार के हैं। डीपीएस रानीपुर भेल के सबसे अधिक तीन विद्यार्थी टॉप मेरिट सूची में जगह बनाने में कामयाब हुए हैं। टॉपर्स विद्यार्थियों में कोई आईएएस तो कोई जज बनकर देश की सेवा करना चाहता है।
स्वास्थ्य खराब रहने पर भी पाया मुकाम
हरिद्वार। रोशनाबाद के बीएमएल मुंजाल ग्रीन मीडोज स्कूल के छात्र शिवंधु चौधरी ने 98.8 प्रतिशत अंक हासिल करके जिले में दूसरा स्थान हासिल किया है। जबकि कक्षा 11 में पढ़ने के दौरान वह कोरोना संक्रमण से ग्रस्त हो गए थे। जिससे उनकी रोग-प्रतिरोध क्षमता कम होने से वह किसी न किसी बीमारी का शिकार होते रहे। बावजूद इसके उन्होंने कड़ी मेहनत के बल पर मुकाम हासिल किया है। शिवंधु चौधरी के पिता गोपाल चौधरी लोको पायलट और मां उर्मिला चौधरी गृहिणी हैं। वह रेलवे कॉलोनी में रहते हैं। मूलत: उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के रहने वाले शिवंधु चौधरी का सपना आईएएस बनकर देश की सेवा करना है। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय अपने बड़े भाई, बहन, गुरुजनों और माता-पिता को दिया है।
आर्यनगर ज्वालापुर निवासी और डीपीएस रानीपुर भेल की छात्रा निहारिका तलुजा ने 98.8 प्रतिशत अंक हासिल करके स्कूल और धर्मनगरी का नाम रोशन किया है। मेधावी छात्रा ने टॉप पांच की मेरिट सूची में दूसरा स्थान हासिल किया है। निहारिका के पिता भारत तलुजा व्यापारी और मां मीनू तलुजा गृहिणी हैं। निहारिका ने बताया कि वह सामान्य रूप से दो घंटा और परीक्षा के दिनों में छह से सात घंटा पढ़ाई करती थीं। उसका लक्ष्य पढ़-लिखकर किसी मल्टीनेशनल कंपनी का सीईओ बनना है।
जिले के पांचवें टॉपरों में तीसरा स्थान पाने वाली डीपीएस रानीपुर भेल की छात्रा ताशी बंसल ने 98.6 प्रतिशत अंक लेकर स्कूल और परिजनों का नाम रोशन किया है। जुर्स कंट्री ज्वालापुर में रहने वाली ताशी बंसल के पिता दीपक बंसल व्यापारी और माता पारूल गृहिणी हैं। ताशी का सपना आईएएस बनकर देश की सेवा करना है।
जिला कारागार में चीफ फार्मेसिस्ट के पद पर तैनात राकेश चंद्र गैरोला के बेटे आयुष गैरोला ने 98.6 प्रतिशत अंक लाकर जिले के पांच टॉपरों में तीसरा स्थान प्राप्त किया है। आयुष डीपीएस रानीपुर भेल का छात्र है। मूल रूप से टिहरी गढ़वाल के चाकटा के रहने वाले राकेश चंद्र गैरोला के चाचा और आयुष के रिश्ते में दादा लगने डीपी गैरोला हरिद्वार में जिला जज रह चुके हैं। आयुष उनसे प्रेरणा लेकर जज बनकर लोगों को न्याय दिलाना चाहता है। आयुुष की मां संगीता घर पर ही रहकर ऑनलाइन कोचिंग देती हैं।