फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कुंभ में सेंसर फेंसिंग बचाएगी जंगली जानवरों से

विज्ञापन
विज्ञापन
इस समय हरिद्वार और आसपास के क्षेत्र में जंगली जानवरों का आतंक बना हुआ है। उपनगरी भेल में गुलदार एक व्यक्ति को और पथरी क्षेत्र के जियापोता और पंजनहेडी गांव में टस्कर हाथी दो लोगों को मौत के घाट उतार चुका है। दहशत का आलम यह है कि लोग खेतों की तरफ नहीं जा रहे हैं। बच्चों को स्कूल नहीं भेजा जा रहा है। हर चेहरे पर जंगली जानवरों का खौफ साफ नजर आ रहा है। ऐसे में जंगली जानवर कुंभ मेले में भी खलल डाल सकते हैं। इस समस्या को कुंभ मेला प्रशासन ने भी गंभीरता से लिया है और इसके लिए कार्ययोजना तैयार की है।
विज्ञापन

कुंभ मेले के दौरान बनाए जा रहे कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के जरिये जुड़ने वाले ऐसे हाई पावर के कैमरे मेला क्षेत्र के उन संभावित स्थलों पर लगाए जाएंगे जहां जंगली जानवर सबसे ज्यादा आवाजाही करते हैं। कुंभ मेला अधिकारी दीपक रावत ने बताया कि इन कैमरों के जरिये सेंसर फेंसिंग का इस्तेमाल किया जाएगा। इस तकनीक की खूबी यह रहेगी कि कैमरों से निकलने वाली बहुत पतली तार नुमा किरणें क्षेत्र में फैल जाएंगी। जैसे ही जंगली जानवरों का आवागमन होगा तो उसकी आहट मिलते ही यह फेंसिंग कंट्रोल रूम की स्क्रीन पर अलर्ट सिग्नल दे देगी ताकि अधिकारियों को सूचित करके समय से जंगली जानवरों का रेस्क्यू किया जा सके और उन्हें भीड़ वाले क्षेत्रों की तरफ जाने से रोका जा सके। गौरतलब है कि कुंभ मेला क्षेत्र के कई ऐसे इलाके हैं जहां जंगली जानवरों की आहट लगातार रहती है। इनमें मुख्य रूप से रायवाला और उसके आसपास के क्षेत्र के साथ ही श्यामपुर का तिरछा पुल, समूचा भेल क्षेत्र, ज्वालापुर और हरिद्वार-लक्सर मार्ग के तमाम गांव ऐसे हैं, जहां लगातार जंगली जानवरों की आमद बनी रहती है। क्योंकि इन सभी रास्तों से कुंभ के दौरान लोगों या श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रहेगी। ऐसे में यह नई तकनीक सेंसर फेंसिंग के जरिये लोगों को जंगली जानवरों से बचाएगी। कुंभ मेला अधिकारी दीपक रावत ने बताया कि इस आशय का प्रस्ताव कुंभ की कार्य योजना में शामिल कर लिया गया है। इसे जल्दी ही मूर्त रूप दिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें