कहा, सेवामुक्त करने और स्थानांतरण का प्राप्त है अधिकार
संवाद न्यूज एजेंसी
हरिद्वार। अखाड़े में संतों के निष्कासन के विवाद की रिपोर्ट एसडीएम ने डीएम को भेजी है। उन्होंने कहा कि अखाड़े के श्रीमहंत व मुखिया महंतों को यह अधिकार प्राप्त है कि किसी स्थानीय महंत को सेवामुक्त और अन्यत्र स्थानांतरित कर सकते हैं।
पंचायती अखाडा बड़ा उदासीन की शाखा राजघाट कनखल हरिद्वार के स्थानीय मुकामी कोठारी दामोदर दास और पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन राजघाट कनखल की शाखा फेरूपुर से कोठारी महंत दर्शन दास को कोठारी पद से मुक्त किया गया है। इस मामले में डीएम विनय शंकर पांडेय की ओर से एसडीएम को रिपोर्ट देने के निर्देश दिए थे।
जिससे एसडीएम पूरण सिंह राणा ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि अभिलेखों का अवलोकन किया गया तो पाया गया कि अखाड़े के बाॅयलाज के अनुसार अखाड़े के श्रीमहंत व मुखिया महंतों को यह अधिकार प्राप्त है कि किसी स्थानीय महंत को सेवामुक्त और अन्यत्र स्थानांतरित कर सकते हैं।
पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन निर्माण में वर्षों से उक्त परंपरा चली आ रही है। उन्हें भी कोठारी पद के दायित्वों को अखाड़े के स्थानीय समिति/प्रतिनिधियों को मय अभिलेख सौंप देने चाहिए, ताकि अखाड़े की उक्त परंपरा बनी रहे। साथ ही यदि उक्त प्रस्ताव से उक्त पक्षकार क्षुब्ध हैं, तो उन्हें अपना पक्ष पंच परमेश्वरों के समक्ष प्रस्तुत करना चाहिए।