उड़ी हमले में शहीद जवानों की शहादत का बदला लेने के लिए पाकिस्तान कूच का दावा करने वाले राष्ट्रीय हिंदू क्रांति दल के अध्यक्ष संजीव चौधरी वाघा बार्डर से लौट आए। संजीव का कहना है कि सेना ने उन्हें बार्डर पार नहीं जाने दिया। वहीं पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ का सिर लाने पर एक करोड़ इनाम की घोषणा पर संजीव को आतंकी धमकी भी मिली है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए धमकी वाले वीडियो में कुछ हथियारबंद आतंकी संजीव को बार्डर पर आकर उनका सामना करने के लिए उकसाते नजर आ रहे हैं।
संजीव चौधरी 25 सितंबर को हरकी पैड़ी पर गंगा पूजन कर पाकिस्तान के लिए रवाना हुए थे। इस बीच उन्होंने सोशल मीडिया पर अमृतसर पहुंच कर जलियावाला बाग, स्वर्ण मंदिर और वाघा बार्डर पर अपने फोटो भी फेसबुक पर अपलोड किए थे। बुधवार को नाटकीय घटनाक्रम के बाद अचानक संजीव हरिद्वार लौट आए। यहां पहुंचने पर डा. विशाल गर्ग, पंडित अधीर कौशिक, मुकेश गुप्ता, तेजप्रकाश साहू, डा. नीरज सिंघल, मिलन सैनी, पवन कृष्ण शास्त्री आदि ने उनका फूल मालाओं से स्वागत किया। एक होटल में पत्रकारों से वार्ता करते हुए संजीव चौधरी ने बताया कि बार्डर पार करने में कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाधा आती हैं। उनका मकसद सीधे पाकिस्तान जाना नहीं, बल्कि वहां की जनता को जागरूक करना था। पाकिस्तान खुद के आतंक से पीड़ित है और अपने नागरिकों को आतंक के हथियार के तौर पर इस्तेमाल कर रहा है। उनका कहना है कि वह केंद्र सरकार से दोबारा वाघा बार्डर के रास्ते पाकिस्तान भेजने की अनुमति मांगी जाएगी। हालांकि बार्डर के नियम कानूनों से अनभिज्ञता व पब्लिसिटी स्टंट जैसे सवालों का माकूल जवाब संजीव नहीं दे पाए।