मंत्री रेखा आर्य ने उठाई कांवड़
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महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य ने कहा कि उनके संकल्प ‘मुझे भी जन्म लेने दो, शिव के माह में शक्ति का संकल्प’ के संदेश से लोगों की बेटियों को देखने के नजरिए में परिवर्तन आएगा। इसी संकल्प से उत्तराखंड देवभूमि के अतिरिक्त देवियों की भूमि भी बनेगा।
मंगलवार को शिवरात्रि पर कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य सुबह सवा सात बजे हरकी पैड़ी पहुंचीं। उन्होंने कांवड़ उठाने से पहले गंगा की पूजा अर्चना और आरती कर देश व प्रदेश की समृद्धि के लिए प्रार्थना की। उन्होंने हरकी पैड़ी से ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ योजना के तहत वर्ष 2025 तक उत्तराखंड में बेटियों के लिंग अनुपात को प्रति 1000 बेटों पर 1000 बेटियां करने के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए ‘मुझे भी जन्म लेने दो-शिव के माह में शक्ति का संकल्प’ के साथ कांवड़ उठाई।
वह संतों से आशीर्वाद लेकर हरकी पैड़ी से ऋषिकेश के प्राचीन वीरभद्र महादेव मंदिर जलाभिषेक करने के लिए महिला कांवड़ियों के जत्थे के साथ रवाना हुईं। रेखा आर्य ने कहा कि आज सावन की शिवरात्रि है। शिवरात्रि में बाबा भोलेनाथ ने यह संदेश दिया है कि वह शक्ति के बिना अधूरे हैं। शक्ति शिव के बिना अधूरी है। उन्होंने कहा कि कन्याएं भी जन्म लेने का अधिकार रखती हैं। उन्हें जन्म लेने देना चाहिए। हम सबको कन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ स्वयं भी संकल्प लेना चाहिए और दूसरे को भी इसके लिए जागरूक करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग जन जागरूकता के माध्यम से बेटियों को बचाने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। आजादी के अमृत महोत्सव पर हमने बेटियों को पढ़ाने और बचाने का संकल्प लिया है। आने वाले समय में जब उत्तराखंड अपनी रजत जयंती मना रहा होगा, तब निश्चित रूप से बेटों के बराबर प्रदेश में बेटियों की संख्या होगी।
इस मौके पर रानीपुर भेल विधायक आदेश चौहान, पूर्व विधायक झबरेड़ा देशराज कर्णवाल, महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास के सचिव हरिचंद्र सेमवाल, श्रीगंगा सभा के अध्यक्ष प्रदीप झा, अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष (निरंजनी) श्रीमहंत रविंद्रपुरी, अखाड़ा परिषद के महामंत्री श्रीमहंत हरि गिरि और जूना अखाड़े के सचिव श्री महंत महेशपुरी आदि मौजूद रहे।