- भ्रष्टाचार और संस्था का विरोध करने का भी आरोप
हरिद्वार। गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. सत्यदेव निगमालंकार ने अपने एक बयान में एक प्रोफेसर की नियुक्ति पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने प्रोफेसर पर भ्रष्टाचार और संस्था का विरोध करने के आरोप भी लगाए हैं। कहा कि यदि प्रोफेसर सात दिनों के भीतर अपने आरोपों के समर्थन में साक्ष्य प्रस्तुत नहीं करते हैं तो उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। कुलसचिव की ओर से पूर्व कुलपति और पूर्व कुलसचिव पर भी संस्था के खिलाफ कार्य करने के आरोप लगाए गए हैं। उनका कहना है कि संबंधित प्रोफेसर ने संस्था के उच्च अधिकारियों पर निराधार आरोप लगाए हैं जबकि ये सभी लोग आर्य समाज के सिद्धांतों के अनुरूप कार्य करने वाले हैं। कहा कि प्रोफेसर की ओर से कुलाधिपति के चयन पर उठाए गए सवाल भी बेबुनियाद हैं। उनके अनुसार कुलाधिपति का चयन आर्य समाज के नियमों और यूजीसी के मानकों के अनुरूप किया गया है। उन्होंने कहा कि संबंधित प्रोफेसर पर पहले से ही कई आरोप हैं और उन्हें दो बार गुरुकुल से निष्कासित किया जा चुका है। इसके बावजूद वह लगातार गुरुकुल प्रशासन और आर्य समाज के पदाधिकारियों पर आरोप लगा रहे हैं। कहा कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए गए तो गुरुकुल प्रशासन की ओर से कानूनी कार्रवाई की जाएगी।