हरिद्वार। संगठन और प्रदेश सरकार के बीच तल्खी सोमवार को उत्तरी हरिद्वार स्थित राधाकृष्ण धाम में हुई प्रदेश कांग्रेस की बैठक में भी साफ दिखाई दी। लेकिन पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए अच्छी बात यह रही कि जनता में जा रहे इस गलत संदेश को मुख्यमंत्री हरीश रावत ने बिना समय गंवाए पकड़ा और संगठन की बैठक में पहुंचकर सभी को एकता का पाठ पढ़ाया। मिशन-2017 के लिए मंत्र भी दिया यदि एक नहीं हुए तो गैरों के मंसूबे कामयाब हो जाएंगे।
रविवार को कुछ कांग्रेस नेताओं ने सरकार पर सोनिया गांधी के नाम पर धमकाने का आरोप लगाते हुए हलचल मचा दी थी। इस मामले को लेकर सोमवार को हरिद्वार में हुई कांग्रेस प्रदेश कार्यसमिति की बैठक पर सब की निगाहें लगी थी। सुबह से यह संदेश जा रहा था कि मुख्यमंत्री हरीश रावत ने बहादराबाद के कार्यक्रम में समय दिया। लेकिन संगठन की पूरी तरह अनदेखी की। बैठक में भी सरकार और संगठन के बीच का तनाव साफ झलक रहा था। सभी खेमे में बंटे नजर आ रहे थे। लेकिन ऐनवक्त पर सीएम ने बहादराबाद का कार्यक्रम समाप्त होते ही संकेत दिया कि उन्हें बैठक में जाना है और देहरादून का कार्यक्रम निरस्त कर सीधे राधाकृष्ण धाम पहुंच गए।
सीएम के आते ही बैठक का नजारा पूरा बदल गया। सीएम ने किशोर उपाध्याय को बार-बार संबोधित करते हुए संगठन को सर्वोपरि बताया। मिशन-2017 को ध्यान में रखते हुए एकजुट होकर काम करने पर बल दिया। कहा कि आपसी सद्भाव के संकेत से ही उत्तराखंड में सरकार की वापसी संभव है। इससे पहले किशोर उपाध्याय ने भी कांग्रेसजनों की एकता पर बल दिया। बैठक में आने से कांग्रेसी राहत में दिखे और बैठक का तल्ख माहौल काफी हद तक दूर नजर आया।