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चूर हुआ रावण का अहंकार

Wed, 12 Oct 2016 12:17 AM IST
ब्यूूराो/ अमर उजाला, हरिद्वार
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पुतला दहन। - फोटो : अमर उजाला ब्‍यूूराो
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हरिद्वार। एक पखवाड़े से चल रही रामलीलाओं का दौर समाप्त होने के बाद मंगलवार को जिले में बुराई पर सच्चाई की जीत का पर्व दशहरा उल्लास के साथ मनाया गया। जगह-जगह हुए राम-रावण युद्ध और इस मौके पर लगे मेलों को देखने के लिए भारी तादाद में जनता उमड़ी। देर शाम जब रावण, मेघनाथ, कुंभकर्ण आदि के पुतले आग के हवाले किए गए तो पूरा माहौल जय श्रीराम के उद्घोष से गूंज उठा।
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दशहरे को लेकर सुबह से ही शहर से देहात तक उल्लास का माहौल रहा। दोपहर से दशहरा मेला स्थलों पर भारी भीड़ जुटने लग गई थी। शहर का प्रमुख दशहरा मेला रोड़ीबेलवाला मैदान पर लगाया गया। मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री और विधायक मदन कौशिक ने दशहरे को बुराई पर अच्छाई की विजय का पर्व बताते हुए लोगों को शुभकामनाएं दी। मेयर मनोज गर्ग, एसपी सिटी मणिकांत मिश्रा, सिटी मजिस्ट्रेट जयभारत सिंह आदि ने भी लोगों को शुभकामनाएं दी। राम-रावण का युद्ध देखने के लिए भारी तादाद में लोग उमड़े थे। मेले में बड़ी संख्या में लोगों ने खरीदारी की और देर रात्रि तक दशहरे के उल्लास में डूबे रहे। आयोजन समिति के अध्यक्ष गंगाशरण मददगार, कृष्णमूर्ति भट्ट, महाराज कृष्ण सेठ, वीरेंद्र चड्ढा, डा. संदीप कपूर, रमेश खन्ना, सुनील भसीन, भगवत शर्मा सहित सदस्यों ने अतिथियों का स्वागत किया। राम के रूप में साहिल मोदी, लक्ष्मण बने सुनील शर्मा, हनुमान बने अरुण वर्मा, रावण बने मनोज सहगल और अहिरावण बने अंकित तिवारी का अभिनय बेजोड़ रहा।

भेल सेक्टर एक रामलीला मैदान और भेल सेक्टर चार में भी रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतले जलाए गए। यहां भेल सहित शिवालिक नगर, सिडकुल, रोशनाबाद व आसपास के गांवों से हजारों की भीड़ रावण दहन देखने पहुंची। इस दौरान लोगों ने अलग-अलग बुराईयों को खत्म करने का संकल्प लिया। इसी कड़ी में श्रीराम नाट्य कला मंच भीमगोड़ा की ओर से आतंकवाद का पुतला जलाया गया। भूपतवाला में भी दशहरा मेले का आयोजन किया गया था।
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कनखल में कृष्णानगर, दक्ष मंदिर प्रांगण में भव्य दशहरा मेले का आयोजन किया गया। आयोजन समिति की ओर से शैलेंद्र मिश्रा और प्रदीप गर्ग आदि ने अतिथियों का स्वागत किया। बहादराबाद रामलीला मैदान में भी रावण का पुतला दहन किया गया। इस दौरान बहादराबाद सहित रोहालकी, बौंग्ला, अलीपुर से बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे। धनौरी क्षेत्र के धनौरा, हजाराग्रंट में भी दशहरे की धूम रही। श्यामपुर क्षेत्र के लालढांग में रावण दहन किया गया। पथरी के बादशाहपुर में भी रावण दहन हुआ। सभी जगहों पर रावण के भीतर आतिशबाजी और बम पटाखे लगाए गए थे। जैसे ही रावण को आग लगा तीर मारा गया, आसमान पटाखों की आवाज से गूंज उठा और आतिशबाजी से पूरा आकाश रंगीन हो गया।
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