मतदान से ऐन पहले प्रत्याशी एक बार फिर मतदाताओं के द्वार पहुंचे और वोट की अंतिम अपील की। डोर बेल बजाकर और दरवाजे खटखटाकर प्रत्याशी हाथ जोड़कर सिर्फ इतना ही कहते कि, ध्यान रखना। मतदाता भी पूरा विश्वास दिलाते कि मतदान उनके पक्ष में ही करेंगे।
नामांकन के बाद से ही प्रत्याशियों ने चुनाव प्रचार में ताकत लगाई हुई थी। जनसभाओं, रैलियों और रोड शो के अलावा डोर टू डोर जनसंपर्क और वाहनों में लाउडस्पीकर लगाकर प्रचार का सिलसिला करीब डेढ़ हफ्ते तक चला। मतदान से 48 घंटे पहले ओपन प्रचार बंद होने के बाद प्रत्याशियों ने घर- घर जाकर संपर्क साधा। मंगलवार को मतदान से एक दिन पहले रात तक भी प्रत्याशियों ने मतदाताओं से वोट मांगते रहे। हरिद्वार नगर सीट से भाजपा प्रत्याशी मदन कौशिक, कांग्रेस प्रत्याशी ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी, बसपा प्रत्याशी अंजू मित्तल व निर्दलीय प्रत्याशी रविश भटीजा आदि ने घर- घर जाकर मतदाताओं से वोट की अपील की। हरिद्वार ग्रामीण सीट से कांग्रेस प्रत्याशी मुख्यमंत्री हरीश रावत के लिए उनकी पत्नी रेणुका रावत, बेटी अनुपमा रावत आदि ने वोट मांगे। भाजपा प्रत्याशी स्वामी यतीश्वरानंद और बसपा उम्मीदवार मुकर्रम अंसारी ने गांव-गांव जाकर मतदाताओं से वोट की अपील की।
रानीपुर सीट से भाजपा प्रत्याशी आदेश चौहान, कांग्रेस प्रत्याशी अंबरीश कुमार, बसपा प्रत्याशी प्रशांत राय और ज्वालापुर विधानसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी एसपी सिंह, भाजपा प्रत्याशी सुरेश राठौर, बसपा प्रत्याशी मुल्कीराज, निर्दलीय प्रत्याशी मदनलाल व बृजरानी ने भी मतदाताओं से वोट की अंतिम व भावुक अपील की।
अपने वोटों की निगरानी में बीती रात
चुनाव प्रचार में पूरी ताकत झोंकने और हर तरीका आजमाने के बाद भी प्रत्याशियों को यह चिंता सताती रही कि प्रतिद्वंद्वी उनके वोट में सेंध न लगा दे। इसके लिए प्रत्याशियों के समर्थक अपने- अपने मतदाताओं की निगरानी करती रही। घनी आबादी वाली बस्तियों में प्रत्याशी समर्थकों का कड़ा पहरा रहा। रणनीतिक रूप से एक- दूसरे के खिलाफ पुलिस व निर्वाचन आयोग को सूचनाएं दी जाती रही कि फलां प्रत्याशी मतदाताओं को नगदी, शराब आदि लालच दे रहे हैं। इनमें ज्यादातर सूचनाएं प्रतिद्वंद्वियों को उलझाने के लिए दी गई। शहर से देहात तक प्रत्याशियों और समर्थकों की टोलियां पूरी रात मतदाताओं के बीच घूमती रही